सिविल सर्जन ने कहा- दवा खाने से नहीं बिगड़ी तबीयत : एस्बेस्टस वाले छत के कारण तापमान बढ़ा

भागलपुर जिले के नाथनगर के अजमैरिपुर बैरिया दियारा के प्राथमिक विद्यालय में कृमी की दवाई खाने के बाद बच्चे बेहोश हुए मामला शनिवार को सुर्खियों में रहा। मामले पर जब सीएस डॉ.उमेश शर्मा से बात हुई। उन्होंने कहा कि दवाई खाने के कारण बच्चों की स्थिति नहीं बिगड़ी है। एक तो भागलपुर का तापमान काफी गर्म है।

वहीं स्कूल के छत पक्का नहीं है। वह एस्बेस्टस का है। इस कारण कमरा का तापमान बढ़ गया होगा। जिस कारण बच्चे बेहोश हो गए । ऐसा होता है। बतादें कि भागलपुर के नाथनगर के अजमैरिपुर बैरिया दियारा प्राथमिक विद्यालय में कृमी की गोली खाने के बाद दो दर्जन से अधिक बच्चे बेहोश गए थे। इसके बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया था।

सीएस ने कहा- बच्चे खतरे से बाहर, मैं खुद मॉनिटरिंग कर रहा था

सीएस उमेश शर्मा ने कहा कि यह घबराने वाली बात नहीं है। बच्चों को कृमि की दवाई खिलाई थी। जो बच्चे बेहोश हो गए या जिनकी तबीयत बिगड़ गई थी अब वह खतरे से बाहर है। मैं खुद मॉनिटरिंग कर रहा था। जैसे ही मुझे यह सूचना मिली मैं मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। बच्चे अब खतरे से बाहर है। स्थिति सामान्य है।

क्या होता है एल्बेंडाजोल, किस काम में आता है यूज

एल्बेंडाजोल दवा बच्चों के पेट में कीड़ा मारने के लिए दी जाती है। कोरोना काल में स्कूलों के लगातार लंबे समय से बंद रहने के कारण इसका वितरण स्कूलों में नहीं हो रहा था। स्कूल खुलने पर इसकी शुरुआत की गई है। यह दवा बच्चों को छह माह के अंतराल पर दी जाती है। यह एंथेलमिंटिक दवाओं के समूह से संबंधित है जोकि इनफेस्टिंग हेल्मिंटेस (परजीवी कीड़े) को मार देता है या निष्कासित कर देता है।

इस दवा कुछ साइड इफैक्ट भी

जानकारों की माने तो कुछ लोगों को इस दवा के साइड इफेक्ट के रूप में उल्टी, चक्कर आना, लीवर एंजाइम में बढ़ जाना , मिचली आना और भूख में कमी का अनुभव हो सकता है। अगर ये साइड इफेक्ट्स लम्बे समय तक बना रहता हैं, तो डॉक्टर से परामर्श ले सकते हैं।