शहीद CRPF जवान को 12 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, भारत माता की जय के नारों के साथ दी अंतिम विदाई

बिहार के रोहतास जिले का लाल नक्‍सली हमले में शहीद हो गया था। CRPF के शहीद जवान धर्मेंद्र कुमार सिंह का गुरुवार को अंतिम संस्‍कार कर दिया गया। शहीद के 12 साल के बेटे ने उन्‍हें मुख‍ाग्नि दी। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्‍या में लोग उमड़ पड़े थे।

सीआरपीएफ के शहीद जवान धर्मेंद कुमार सिंह का गुरुवार को पूरे सम्‍मान के साथ अंतिम संस्‍कार किया गया. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

उन्‍होंने अपने लाल को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। इस बीच भारत माता की जय के नारे से पूरा इलाका गुंजायमान होता रहा। इस मौके पर सीआरपीएफ के आलाधिकारी समेत जिला प्रशासन के भी वरिष्‍ट अफसर मौके पर मौजूद थे।

धर्मेंद्र सिंह ओडिशा के नऊपड़ा में नक्सली हमले में शहीद हो गए थे। शहीद धर्मेंद्र रोहतास जिला के कछवा ओपी के सरैया के रहने वाले थे। वह CRPF की 19वीं बटालियन में तैनात थे। धर्मेंद्र कुमार सिंह का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक गांव सरैया पहुंचा, ग्रामीण भारत माता की जय के नारे लगाने लगे।

हजारों की संख्या में युवा शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। बुधवार रात को उनका पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा था। गुरुवार सुबह को उनका पूरे रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया।

12 वर्ष के पुत्र रोशन ने दी मुखाग्नि
शहीद धर्मेंद्र का 12 वर्षीय पुत्र रोशन कुमार ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन हो गया। इस दौरान वहां उपस्थित तमाम ग्रामीण के अलावा अधिकारियों की भी आंखें नम हो गई थीं। यह दृश्य काफी मर्माहत कर देने वाला था।

किसान रामायण सिंह का जवान बेटा देश के नाम कुर्बान हो गया, लेकिन इस असीम दुख की घड़ी में भी उनके चेहरे पर शहीद बेटे के सम्मान में गर्व दिख रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि धर्मेंद्र ने उनके गांव का नाम रोशन कर दिया है। उनके गांव का बेटा धर्मेंद्र कुमार सिंह आज देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। ग्रामीण बताते हैं कि जब भी वे गांव आते थे, तो सभी से मिलते जुलते थे।