पाकिस्तान में हिंदू लड़की का अपहरण:पुलिस ने किडनैपिंग का दावा खारिज किया, कहा- मुस्लिम लड़के के साथ भागकर शादी कर ली

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर अत्याचार अभी भी जारी है। सिंध प्रांत के दादू शहर से करीना नाम की हिंदू लड़की का अपहरण हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला एक हफ्ते पहले का है। वहीं, पुलिस का दावा है कि करीना का अपहरण नहीं हुआ है, बल्कि उसने खलील रहमान नाम के मुस्लिम लड़के के साथ भागकर कराची के एक कोर्ट में शादी कर ली है। पुलिस के इस दावे को लेकर लोगों में आक्रोश है।

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पुलिस के दावे के बाद लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। हालांकि, लोगों के हंगामे के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर खलील के पिता असगर जोनो को धारा 365-बी के तहत गिरफ्तार कर लिया। वहीं, करीना के परिजनों ने पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से करीना को वापस लाने में मदद करने की भी गुहार लगाई।

मार्च में ही हुई थी एक हत्या​​​
इसी साल मार्च में पाकिस्तान के सुक्कुर जिले में लड़की ने अपहरण का विरोध किया था, जिसके बाद अपहरणकर्ताओं ने उसके सिर में गोली मार दी थी। लड़की का नाम पूजा कुमारी ओड था, जिसकी उम्र सिर्फ 18 साल थी। उसके जबरन धर्मांतरण और अपहरण के प्रयास में असफल रहने पर हत्या कर दी गई थी। हालांकि, पूजा की हत्या के मुख्य आरोपी वाहिद बख्श लशारी को गिरफ्तार कर लिया गया था। SP ने बताया था कि आरोपी वाहिद बख्श पूजा से शादी करने के लिए उसका अपहरण करना चाहता था।

सिंध में हर साल करीब 1,000 हिंदू लड़कियों का होता है अपहरण
पाकिस्तान में अक्सर जबरन धर्म परिवर्तन के मामले सामने आते हैं। हालिया वक्त में ये ज्यादा बढ़ गए हैं। अमेरिका में सिंधी फाउंडेशन के मुताबिक, सिंध प्रांत में हर साल करीब 1,000 हिंदू लड़कियों (उम्र 12 से 28 साल के बीच) का अपहरण किया जाता है। उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता है। बाद में उनकी मुस्लिमों से शादी करवा दी जाती है।

हिंदू, सिख, ईसाई और अहमदियाओं पर होते हैं अत्याचार
पाकिस्तान ने कई मौकों पर अल्पसंख्यक समुदायों की रक्षा का भरोसा दिलाया है, लेकिन अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव होता रहा है। उनके साथ हिंसा, हत्या, अपहरण, रेप, जबरन धर्म परिवर्तन जैसी घटनाएं होती हैं। हिंदू, ईसाई, सिख, अहमदिया, और शियाओं को बहुत मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं।