पटना: अनोखी शादी, एक साथ निकलेगी 51 दूल्हों की बारात….

पटना. राजधानी पटना में इन दिनों इस खास शादी की हर तरफ चर्चा है. इस शादी में एक साथ 51 दूल्हों की बारात पटना की सड़कों पर निकलेगी. बैंड बाजा और घोड़ों पर सवार दूल्हों की जब बारात निकलेगी तो पूरा शहर फूलों की बारिश करेगा. यह सब संभव हो पाता है मां वैष्णो देवी सेवा समिति के प्रयास से. जी हां, कोविड काल के बाद मां वैष्णो देवी सेवा समिति की ओर से इस बार 51 जोड़ों का सामूहिक विवाह 25 जून को कराया जाएगा. इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 30 अप्रैल तक चलेगी. इसके बाद शादी की तैयारी शुरू की जाएगी. आपको बता दें कि इस शादी में उन्हीं जोड़ियों को मौका मिलता है, जो आर्थिक रुप से कमजोर होते हैं.

सामूहिक विवाह सम्मलेन के फायदे(लाभ) और नुकसान --- - प्रवक्‍ता.कॉम -  Pravakta.Com

मां वैष्णो देवी सेवा समिति के संस्थापक मुकेश हिसारिया बताते हैं कि जोड़ी आपस में परिवार तय करने के बाद संस्थान के संबधित अधिकारी के मोबाइल नंबर 9430061498, 9931154774, 9334101859, 9835093400 पर संपर्क कर कार्यालय से निशुल्क फॉर्म ले सकते हैं. फॉर्म लेने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल है. इसके बाद सभी जोड़ियों की आर्थिक स्थिति की जानकारी लेने के लिए टीम उनके गांव में जाती है. आर्थिक रुप से कमजोर जोड़ियों के सत्यापन के बाद 15 से 25 मई के बीच कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए जोड़ियों को पटना बुलाया जाता है. उसके बाद मई महीने में शगुन दे दिया जाता है.

दूल्हा-दुल्हन को देते हैं ढेरों उपहार
संस्थापक मुकेश हिसारिया बताते हैं की इसके बाद 25 जून को शादी के दिन जोड़े 10-10 रिश्तेदारों के साथ महाराण प्रताप भवन में पहुंचेंगे. वे बताते हैं कि शादी के दिन की सारी रस्में पूरी होने के बाद शाम 4.00 बजे 51 दूल्हों की बारात निकाली जाएगी. घ्यान रहें कि वर की उम्र कम से कम 21 वर्ष और वधू की उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए. इससे संबंधित प्रमाण-पत्र भी समिति द्वारा लिया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है, बल्कि समिति के सदस्यों की तरफ से दूल्हा-दुल्हन को ढेरों उपहार भी दिया जाता है.

ऐसे हुई थी शुरुआत
मां वैष्णो देवी सेवा समिति के संस्थापक मुकेश हिसारिया बताते हैं कि 2009 में हम तीन दोस्तों ने इस संस्था की नींव रखी. उसके बाद 15 और लोग इससे जुड़ गए. सभी ने 11000-11000 रुपया जमा किया. लगभग एक लाख से ज्यादा रुपए संस्था के पास हो गए. उन्होंने बताया कि उन्हीं दिनों अखबार में यह खबर छपी कि वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड के बेरूआ गांव में अगलगी हो गई. वहां की 10 लड़कियों की शादी होने वाली थी. आग ने सब कुछ राख कर दिया. इस खबर को पढ़ते ही मुकेश और उनकी टीम वैशाली गई और उन सभी 10 लड़कियों की शादी करवाने का जिम्मा उठाया. वे बताते हैं कि तब से अबतक 488 शादी वे लोग करवा चुके हैं. 25 जून को 51 शादी करवाने के बाद यह आंकड़ा 500 के पार हो जाएगा.