पाकिस्तान विदेश मंत्रालय- ‘हम मुसलमान है और मुसलमानों के डिक्सनरी में ड’र नाम का शब्द ही नही होता’

भारतीय संविधान में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निष्प्र’भावी करने के भारत के फ़ैसले पर पाकिस्तान से लगातार तीखी प्रति’क्रिया आ रही है.गुरुवार को इस मसले पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस करते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फ़ैसल ने कहा कि भारत ने कश्मीर में एकतरफ़ा फ़ैसला कर संयुक्त राष्ट्र की उपेक्षा की है और मानवाधिकारों का घो’र उल्लं’घन किया है.

मोहम्मद फ़ैसल ने कहा कि भारत ने ऐसा कर दक्षिण एशिया की स्थिरता और शांति को जो’खिम में डाल दिया है.इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में फ़ैसल से एक पत्रकार ने पूछा कि पूरे मा’मले पर अंतरराष्ट्रीय जगत से जो प्रतिक्रिया आई है उससे क्या आप संतुष्ट हैं?इस पर मोहम्मद फ़ैसल ने कहा, ”यह लगातार जारी रहने वाली प्रक्रिया है और दुनिया भर से लोग बोल भी रहे हैं.

इसके लिए लंबा संघर्ष करना होगा. ये सात दशक का क़िस्सा है कोई दो-चार बरस की बात नहीं है. मा’मला तो अभी चलेगा. अंतरराष्ट्रीय समुदाय नोटिस ले रहा है.” एक पत्रकार ने मोहम्मद फ़ैसल से पूछा कि भारत ने कश्मीर में सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है.

सरकार के प्रवक्ता होने के नाते क्या आपको लगता है कि भारत नियंत्रण रेखा के पार किसी तरह के हम’ला कर सकता है? अगर किसी तरह का ह’मला हुआ को पाकिस्तान ने इसके लिए कैसी तैयारी की है?इस पर मोहम्मद फ़ैसल ने कहा, ”हम मुसलमान हैं और ड’र शब्द हमारी डिक्शनरी में नहीं है.

हम डरते नहीं. 27 फ़रवरी को याद रखा जाए, फिर ड’र की कोई गुं’जाइश नहीं बचेगी. हिन्दुस्तान जो भी करना चाहता है उसका जवाब पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने दे दिया है.”हम साफ़-साफ़ कह रहे हैं कि कश्मीरियों को आप सुनें. आप एकतरफ़ा फ़ैसले न लें.

पूरे कश्मीर में आपने क’र्फ़्यू लगा दिया है. एक करोड़ 30 लाख लोगों को आपने घर में बंद कर दिया है. सुरक्षा को लेकर गंभीर ख़त’रा पैदा हो गया है. भारत को इस बारे में सोचना चाहिए. इस वि’वाद का समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के समझौते में मौजूद है.”

27 फ़रवरी को बालाकोट में भारतीय वायुसेना की कार्र’वाई के बाद पाकिस्तान भारतीय मिग को मा’र गि’राया था और पायलट को अपने क़’ब्ज़े में ले लिया था. मोहम्मद फ़ैसल इसी मामले में 27 फ़रवरी का ज़िक्र किया है.

उनसे एक पत्रकार ने पूछा कि भारत से क्या पूरी तरह से राजनयिक संबंध ख़’त्म किए जाएंगे? क्या पाकिस्तान अपने यहां से भारतीय उच्चायोग को हमेशा के लिए ख़त्म करेगा? मोहम्मद फ़ैसल का कहना था कि ये सारी बातें संभावनाएं हैं जिन पर अभी टिप्पणी नहीं की जा सकती है.