पाक के रेल मंत्री का बेतुका बयान, कहा- ‘अक्टूबर-नवंबर’ में होगा भारत- पाकिस्तान के बीच यु’द्ध

कश्मीर मुद्दे पर दुनिया भर में मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा. प्रधानमंत्री से लेकर मंत्री और नेता तक सभी बौखलाहट में बेतुके बयान दे रहे हैं. युद्ध उन्माद फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और आए दिन यु’द्ध की धमकी तक दे रहे हैं. ऐसे नेताओं में पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद अहमद का नाम भी जुड़ गया है.

राशिद अहमद ने युद्ध के समय का एलान करते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच अक्टूबर या फिर नवंबर में यु’द्ध होगा. बता दें कि ये वही राशिद अहमद हैं जो भारत के खिलाफ गलत बयानी करने पर हाल ही में लंदन में जूतों से पीटे थे और उन पर अंडे फेंके गए थे.

पाकिस्तान टुडे ने राशिद अहमद को कोट किया है, जिसमें वह रावलपिंडी में मीडिया को संबोधित करते हुए कह रहे हैं कि कश्मीर के लिए अब निर्णायक वक्त आ गया है।. उन्होंने यह भी कहा है कि दोनों देशों के बीच यह आखिरी लड़ाई साबित होगी. उन्होंने लोगों से कश्मीरियों का समर्थन करने को भी कहा.

दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री इमरान खान ने टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा था कि उनका देश कश्मीर को लेकर किसी भी हद तक जा सकता है. उन्होंने दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध की धमकी तक दे डाली थी और कहा था कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा.

कश्मीर के लिए जिहादी बनेंगे मुख्यमंत्री : पाकिस्तान के खैबर पख्तुनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने कहा है कि कश्मीर में जिहाद का एलान होता है तो वह कमांडर बनकर लड़ने जाएंगे. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक महमूद खान ने यहां तक दावा कर दिया कि वह कश्मीर को भारत से आजाद कराकर ही लौटेंगे.

संयुक्त राष्ट्र में मुद्दा उठाएंगे इमरान
समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बुधवार को इस्लामाबाद में पत्रकारों से कहा कि अगले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में प्रधानमंत्री इमरान खान कश्मीर मुद्दे को जोरदार तरीके से दुनिया के सामने उठाएंगे. इमरान खान ने भी दो दिन पहले कहा था कि वह संयुक्त राष्ट्र समेत दुनिया के हर मंच पर कश्मीर मसले को उठाएंगे.

370 खत्म करना भारत का संप्रभु निर्णय : रूस
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के भारत सरकार के फैसले का रूस ने पूरी तरह से समर्थन किया है. रूस का कहना है कि यह भारत का संप्रभु फैसला और आंतरिक मामला है.

रूस के राजदूत निकोले कुदाशेव ने कहा कि भारत ने अपने देश के संविधान के मुताबिक ही अनुच्छेद 370 खत्म करने का फैसला किया है और उनका देश इस फैसले पर अपने पुराने मित्र के साथ है. उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों से आपस के सभी मसलों को शिमला समझौते और लाहौर घोषणापत्र के मुताबिक बातचीत के जरिए सुलझाने का अनुरोध किया.

रूसी दूतावास के उप प्रमुख रोमन बाबूश्किन ने कहा कि रूस ने कश्मीर मुद्दे पर 16 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बंद दरवाजे में चर्चा के दौरान भी कहा था कि यह भारत का आंतरिक मामला है. उन्होंने कहा कि जब तक दोनों देश मध्यस्थता के लिए नहीं कहते तब तक उनके विवाद को सुलझाने में रूस की कोई भूमिका नहीं है.

 

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