MUZAFFARPUR : श’हीद खुदीराम बोस की जन्मस्थली पर हुआ सोहनलाल का स्वागत, श’हीद के जन्मदिवस बाद करेंगे आगे की यात्रा

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MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : शही’द यादगार समिति (ढोली-सकरा) मुजफ्फरपुर के अध्यक्ष सोहनलाल आजाद साईकिल यात्रा करते हुए शुक्रवार 29 नवम्बर को श’हीद खुदीराम बोस की जन्मभूमि मिदनापुर पहुंचे, जहाँ उनका काफ़ी गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया.

श्री आज़ाद 18 जून 2019 को मुजफ्फरपुर स्थित खुदीराम बोस स्मारक स्थल से अपनी साईकिल यात्रा पर निकले हैं और अपनी इस यात्रा में वे पटना, इलाहाबाद, दिल्ली, अमृतसर, कटक, मिदनापुर होते हुए शही’दों की स्थली को नमन करते हुए देशभर के अन्य शही’द स्थलों पर भी जाएंगे और मा’ल्यार्पण करेंगे.

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शहीद यादगार समिति के अध्यक्ष श्री आजाद इससे पहले 8 अप्रैल 1992 को मंगल पाण्डेय के ब’लिदान दिवस पर पैदल यात्रा कर देश भर के शहीद स्मारकों से मिट्टी लाए और समिति के कार्यालय में वे’दी बनाकर उसकी पूजा और श्र’द्धासुमन अर्पित करते हैं. शहीद यादगार समिति का एकमात्र उद्देश्य है देश के हर एक व्यक्ति के अंदर देशभक्ति के ज’ज्बे को कायम रखना.

शहीद खुदीराम बोस के जन्मस्थान हबीबपुर, मिदनापुर पहुँचने पर श्री आजाद का मिदनापुर डॉट इन के संस्थापक सचिव आॅरिंदम भौमिक ने स्वागत करते हुए बताया की गत 11 अगस्त को श’हीद खुदीराम बोस की 111वीं शहादत दिवस के मौके पर मुजफ्फरपुर की यात्रा के दौरान ही सोहनलाल आजाद को श’हीद खुदीराम बोस के जन्मदिवस के अवसर पर मिदनापुर आने हेतु निमंत्रित किया था.

आगामी 3 दिसम्बर को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में मिदनापुर डॉट इन द्वारा आयोजित श’हीद खुदीराम बोस की जन्मदिन समारोह बड़े ही धूमधाम से मनाया जायेगा और उक्त अवसर पर 600 किलोमीटर की साईकिल यात्रा कर मिदनापुर पहुंचे मुजफ्फरपुर के सकरा फरीदपुर पंचायत के सकरा मंसूरपुर निवासी शहीद यादगार समिति के अध्यक्ष सोहनलाल आजाद अतिथि के रूप में शही’द खुदीराम बोस का जन्मदिवस समारोह में सम्मिलित हो और उनकी जन्मदिवस मना कर आगे की यात्रा प्रारम्भ करेंगे.

शही’द यादगार समिति के अध्यक्ष सोहनलाल का कहना हैं कि देश की आजादी के लिए हुए लंबे सं’घर्ष में जिन सपूतों ने भारत माता के लिये ब’लिदान दिया उनमें से अधिकांशतः श’हीदों को देश की जनता अच्छी तरह से वाकिफ नहीं है. इन श’हीदों के स्मारक, उनकी जन्म और कर्मस्थली के साथ ही देश की आजादी में उनके उल्लेखनीये यो’गदान की याद बनाए रखने और आने वाले पीढ़ी को देश के प्रति उनके द्वारा दिए गए ब’लिदान की जानकारी के लिए उनकी यह यात्रा हैं. उन श’हीद स्थलों पर नमन करते हुए स्थानीय लोगों को आजादी की सं’घर्ष गाथा और कु’र्बान हुए देशभ’क्तों के ज’ज्बे की याद दिलाते हैं ताकि देशवासियों और आने वाली नई पीढी के बीच देशभ’क्ति का जज्बा बना रहे व देश की एकता, अखंडता बनी रहे.