BANKA : पूर्व बिहार का सबसे बड़ा एवं राजकीय मेला मंदार महोत्सव का आगाज आज

#BIHAR #INDIA : पूर्व बिहार का सबसे बड़ा एवं राजकीय मेला मंदार महोत्सव का आगाज मंगलवार 14 जनवरी से होगा। चार दिवसीय इस महोत्सव का उद्घाटन सूबे के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामनारायण मंडल करेंगे। उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद गिरिधारी यादव करेंगे। इस मौके पर जिले के जनप्रतिनिधि व जिला प्रशासन के पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में तीन दिनों तक वालीबुड कलाकार से लेकर स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाएंगे, कार्यक्रम की उद्घोषणा डीडी न्यूज बिहार की एंकर रूपम त्रिविक्रम करेंगी। जिला प्रशासन ने महोत्सव की सारी तैयारी पूरी कर ली है। इस मेले में बांका ही नहीं बिहार, झारखंड और बंगाल से भी लोग पहुंचते हैं।

राजकीय महोत्सव के तौर पर आयोजित होने वाले बौंसी मेला में बालीवुड नाईट कार्यक्रम होगा। जिसमें पहले दिन अमित सना एवं आकांक्षा शर्मा का कार्यक्रम होगा। 15 जनवरी को बांका जिला के स्थानीय कलाकारों का कार्यक्रम होगा। जबकि 16 जनवरी को बालीवुड के प्रख्यात सिंगर शब्बीर कुमार का कार्यक्रम होगा। उपरोक्त सभी कार्यक्रम संध्या सात बजे से होंगे जबकि दिन में प्रतिदिन दिन के दस बजे से स्कूली बच्चों व कला जत्था के कलाकारों द्वारा कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी जबकि प्रतिदिन 11 बजे से पांच बजे तक रेलवे ग्राउंड में बालीवॉल, पतंगबाजी, कुश्ती, तीरंदाजी व अन्य खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।

इस वर्ष विक्रम संवत पंचांग में मकर संक्रांति 15 जनवरी को पड़ने के कारण मंदार क्षेत्र में भगवान मधुसूदन की शोभा यात्रा बुधवार को निकाली जाएगी। भगवान मधुसूदन मंदिर से भगवान की शोभा यात्रा दिन के 1 बजकर 30 मिनट पर निकाली जाएगी। मंदिर के पुजारियों के अनुसार इस साल मकर 15 जनवरी की प्रात: मकर राशि में सूर्य का प्रवेश होने जा रहा है, इस वजह से मकर संक्रांति 15 जनवरी को होगी। मधुसूदन मंदिर से भगवान की शोभा यात्रा गरुड़ रथ पर निकाली जाएगी जो मंदिर से निकलकर पापहरणी रोड होते हुए पर्वत तक जाएगी। मंदिर के वेदज्ञ पंडित अवधेश ठाकुर ने बताया कि पुराणो में वर्णित है कि भगवान विष्णु ने मंदार पर्वत पर मधु एवं कैटभ नामक दैत्यों का संहार किया था उसी वक्त उन्होंने दोनों को वरदान दिया था कि साल में एक बार मैं तुमसे मिलने मंदार आउंगा इसी उपक्ष्य में भगवान मंदार जाते हैं। आयोजन को सफल बनाने में बगडूंबा ड्योढ़ी परिवार, धर्मरक्षिणी महासभा व पंडा समाज तैयारियों में जुटा है।