जनसं’वाद के माध्यम से डीजीपी ने की न’शे की गिर’फ्त से नौजवान पीढ़ी को ब’चाने की भावुक अपी’ल

शराबबं’दी कानून समाजिक लोक चे’तना के स्तर को उठाता है। एक खूबसूरत समाज के निर्माण की दिशा में सरकार द्वारा उठाया गया यह एक प्रभा’वशाली कदम है। यह एक सामाजिक क्रान्ती का पर्याय है। बच्चों, किशोरों युवाओं के भविष्य को ब’चाने के लिए न’शापान की विकृ’त सामाजिक परंपरा पर हम सब मिलकर ही कु’ठाराघात कर सकते हैं। यह हम सबों की सामूहिक जि’म्मेदारी है। -डीजीपी, बिहार, गुप्तेश्वर पाण्डेय

MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : डीजीपी, बिहार गुप्तेश्वर पांडेय ने आज जिले के मुखिया गण, सरपंच, प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, अध्यक्ष, तथा अन्य जनप्रतिनिधिगण के साथ-साथ प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, थानाध्यक्ष एवं जिला स्तरीय पुलिस पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शराबबं’दी, अप’राध नियं’त्रण एवं सांप्र’दायिक सौ’हार्द हेतु जन संवाद स्थापित किया।

इस हेतु समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक जयंत कांत, नगर आयुक्त मनेष कुमार मीणा, जिला परिषद अध्यक्ष, सहायक समाहर्ता जिला पंचायती राज पदाधिकारी, नगर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार सिंह सहित जिला स्तरीय पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। जनसं’वाद के तहत उन्होंने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि न’शाबं’दी कानून समाजिक लोक चे’तना के स्तर को उठाता है। यह सिर्फ कानून ही नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदो’लन है। इसके सफल क्रि’यान्वयन को लेकर सरकार कृत संकल्पित है।

उन्होंने कहा कि बच्चों, किशोरों, युवाओं जो कि हमारे देश के भविष्य हैं उनको ब’चाने के लिए न’शा- पान जैसी वि’कृत सामाजिक प’रंपरा पर हम सभी मिलकर ही प्र’हार कर सकते हैं। इसके संपूर्ण खात्में में हम सबकी सामू’हिक जि’म्मेदारी है। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि न’शा से बुद्धि भ्र’ष्ट होती है, आत्मबल गि’रता है, विवेक ख’त्म होता है, नै’तिक सामाजिक और आध्यात्मिक पत’न होता है। ऐसे में हम सुंदर समाज की क’ल्पना नहीं कर सकते। आइए हम सब मिलकर न’शापान पर प्र’हार करें और अपने नैति’क और सामाजिक कर्त’व्यों को समझते हुए अपने जि’म्मेदारियों के निर्वहन में महती भू’मिका निभाएं ताकि एक सुंदर, स्वच्छ और खूबसूरत समा’ज का निर्माण हो सके।

जन संवा’द के दौरान सभी से अप’राध नि’यंत्रण और शराबबं’दी में सहयोग मांगा। चौ’कीदार से लेकर थानास्तर के पुलिसकर्मियों के मनोबल को ऊंचा उठाया। डीजीपी ने कहा कि क्रा’इम कंट्रोल करने के लिए पुलिस को आम जनता से सह’योग लेना होगा। डीजीपी ने कहा कि हमें जनता का विश्वास जीतकर नका’रात्मक छवि को दूर करना होगा। जनता की सम’स्याएं दूर कर पुलिस उनका दिल जीत सकती है। अपने चाल-च’रित्र से जनता को भ’रोसा दिलाना होगा, इस दौरान उन्होंने कम्यू’निटी पुलिसिंग पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सभी पुलिसकर्मी एक बात अपने मन-मस्तिष्क में बैठा लें कि वे जनता के सेवक हैं, मालिक नहीं। जो पुलिसकर्मी जनसे’वक का सम्मान नहीं करेंगे, वे पद पर रहने के अधिकारी नहीं हैं। कोई शरीफ आदमी थाने को कोई सूचना नहीं देना चाहता। कोई गरी’ब व्यक्ति थाने पर जाने से डरे नहीं, इसका ध्यान रखना होगा। उन्होंने सभी लोगों से न’शे की गिर’फ्त से नौजवान पीढ़ी को ब’चाने की भावुक अपी’ल की। न’शे से कमाई करने वालों को चे’तावनी भी दी।

जहां भी रहेगा रोशनी लुटायेगा, किसी चराग का अपना मकां नहीं होता।” मशहूर शायर वसीम बरेलवी की इन पंक्तियों को अपनी अभिव्य’क्ति देते हुए डीजीपी ने कहा कि न’शा से पर’हेज और उससे दूरी व्यक्तित्व को निखा’रता है। चरि’त्र को सब’ल बनाता है। ऐसे लोग जहां भी जाते हैं सुंदर समाज के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जा’त, धर्म, मज’हब, वर्ग से परे उठकर कार्य करें। सांप्र’दायिक सौ’हार्द से समाज की संरचना को मजबू’ती मिलती है। हम सभी मिल-जुल कर रहें ताकि समाज में खुशियां और सौ’हार्द कायम रहे। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक सौ’हार्द समाज के जड़ को सींचता है। इससे न केवल समाज को मजबूती मिलती है बल्कि आदमी के जीवन में खुशियां आती है, उल्ला’स आता है।