मुजफ्फरपुर : दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में आपदा से बचाव की दी जानकारी

मुजफ्फरपुर। बिहार इंटर एजेंसी ग्रुप, यूनिसेफ व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मुजफ्फरपुर के संयुक्त तत्वावधान में जन निर्माण प्रशिक्षण संस्थान, खबड़ा में गैर सरकारी संगठनों एवं हितभागी एजेंसियों के प्रतिनिधियों का बहु-आपदा जोखिम न्यूनीकरण विषयक दो दिवसीय क्षमतावर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ मुख्य अतिथि डॉ अजय कुमार अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, मुजफ्फरपुर के द्वारा किया गया।

इस अवसर उन्होंने कहा की आपदा का आना एक स्वाभाविक घटना हैं। प्रमाणित विधि एवं तकनीक के सहयोग से आपदा से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता हैं।

उन्होंने कहा कि संस्थाएं कल्याणकारी कार्यो के साथ-साथ आपदा जोखिम न्यूनीकरण संबंधी कार्यक्रमों पर आम जनमानस को संवेदनशील बना कर इस कार्य में महती भूमिका निभा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सभी संस्थाओं को आपदा प्रबंधन संबंधी प्रमुख कार्यक्रमों के संचालन के लिए विशेषज्ञ सहायता तथा अन्य स्तरों पर सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रशिक्षण में मुजफ्फरपुर के 41 संस्थाओं के 65 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

मो साकिब खान, कंसलटेंट/डीएम प्रोफेशनल, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मुजफ्फरपुर ने प्रतिभागियों के बीच समुदाय के परिपेक्ष्य में आपदाओं के जोखिम एवं संभावित प्रभाव एवं आपदा प्रबंधन एवं ग्राम आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण योजना की आवश्यकता, संकल्प एवं महत्त्व के बारे में विशेष प्रकाश डाला।

उनके द्वारा विभिन्न स्तरों पर आपदा प्रबंधन के ढांचे, कार्यप्रणाली, नीतियों एवं योजनाओं की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी गई। शीशा की अपने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभिन्न गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी गई।

बिहार इंटर एजेंसी ग्रुप/यूनिसेफ के जिला प्रतिनिधि विकास सिंह ने आपदा प्रबंधन के महत्वपूर्ण तथ्यों तथा संस्थाओं द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न परियोजनाओं में आपदा जोखिम न्यूनीकरण तत्वों को महत्व देने पर जानकारी दी।

जिला अग्निशमन पदाधिकारी संतोष कुमार पांडेय द्वारा शहरी तथा ग्रामीण अगलगी की घटनाओं की रोकथाम पर विधिवत जानकारी दी गई। इस दौरान अग्निशामक यंत्रों के प्रयोग विधि के बारे में मॉकड्रिल प्रदर्शन के माध्यम से

प्रायोगिक ढंग से रसोई घर में गैस द्वारा अग्नि लगने पर तुरंत बचाव एवं अपने घर एवं खेत को अग्नि से कैसे बचाव करें इसके बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को जिला अग्निशमन विभाग की तरफ से अग्नि सुरक्षा पोस्टर तथा हैंडबिल भी वितरित किया गया।

इस मौके पर जन निर्माण केंद्र, मुजफ्फरपुर के सचिव राकेश कुमार सिंह ने पदाधिकारियों एवं सभी संस्थाओं के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि समुदाय में आए दिन आपदा से होने वाले भारी नुकसान को कम करन एवं जीवन को सुरक्षा प्रदान करने हेतु प्राप्त जानकारियों को सभी संस्थाएं अपने-अपने सभी कार्यक्रम में शामिल कर लोगो को इस संबंध में जागरूकता फैलाएं तथा जिला प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर आपदा जोखिम न्यूनीकरण की दिशा में काम करें। सभी संस्थाओं को साझे मंच पर एक रूपता के साथ अपने -अपने कार्यक्षेत्र में आपदा प्रबंध पर जन जागरूकता को बढ़ावा देने पर बल देते हुए समाजशास्त्री जीतेन्द्र प्रसाद नारायण सिंह ने कहा कि आपदा से होने वाली क्षति को कम करने की एक सामुदायिक रणनीति पर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की भांति जिला स्तर पर भी जिला प्रशासन, रिस्पांस एजेंसियों, गैर सरकारी संगठनों तथा अन्य हितभागियों का जिला स्तरीय इंटर एजेंसी ग्रुप होना चाहिए ताकि आपात परिस्थितियों में सामंजस्य स्थापित कर आपात् प्रबंधन और अधिक प्रभावी किया जा सके। राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित संस्था सीड्स इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक, पूर्वी जोन, कमल कुमार त्रिपाठी ने आपदा के पूर्व चेतावनी प्रणाली, आपातकालीन प्रबंधन एवं आपदा प्रबंधन में तकनीकी की बढ़ती भूमिका एवं प्रकृति आधारित आपदा जोखिम न्यूनीकरण के बारे में विस्तार से संस्थाओं के प्रतिभागियों को जानकारी दी। इस प्रशिक्षण का संचालन समाजशात्री मनोज कुमार सिंह द्वारा किया गया।