मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहे शोधार्थियों को अब प्रत्येक छह महीने में प्रगति रिपोर्ट जमा करना होगा। रिपोर्ट नहीं जमा करने की स्थिति में उनका पीएचडी रजिस्ट्रेशन निरस्त किया जा सकता है। विवि में पीएचडी रेगुलेशन-2016 को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

अध्यक्ष छात्र कल्याण डा.अजीत कुमार ने सभी पीजी विभागाध्यक्षों को पत्र भेजकर इसकी सूचना दी है। कहा है कि कोरोना काल में प्रगति रिपोर्ट देने में छूट दी गई थी, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो गई है।

ऐसे में 30 अप्रैल तक सभी शोधार्थी संबंधित विभाग के डिपार्टमेंटल रिसर्च कमेटी (डीआरसी) के समक्ष प्रगति रिपोर्ट जमा कराएं। प्रगति रिपोर्ट पर गाइड का हस्ताक्षर होना चाहिए। पांच मई तक सभी रिपोर्ट समेकित कर संकायाध्यक्ष के पास भेजी जाएगी।
डीएसडब्ल्यू ने बताया कि रिपोर्ट जमा होने के बाद डीआरसी की ओर से उसमें आवश्यक सुझाव करने का प्रस्ताव दिया जाएगा। एक निश्चित अवधि में उसे सुधार के साथ डीआरसी के समझ प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई शोधार्थी सुझाव को लागू करने में असफल होते हैं तो उनका रजिस्ट्रेशन रद करने को डीआरसी अनुशंसा करेगा।

