नवादा: सदर अस्पताल में डॉक्टरों पर ला’परवाही के आ’रोप, छात्र की मौ’त पर परिजनों का फूटा गुस्सा

नवादा: सदर अस्पताल में डॉक्टर नहीं रहने के कारण एक युवक की मौत होने की बात कही जा रही है। इसके अलावा तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। बुधवार को कादिरंगज थाना क्षेत्र के नल्लापर गांव के समीप ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को नवादा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

Nawada Sadar Hospital me ghyal student ki maut per parijano ka hungama  Nawada सदर अस्पताल में डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप, छात्र की मौत पर परिजन  हुए आगबबूलाजहां इलाज नहीं होने के कारण विजय मिस्त्री का पुत्र संकेत कुमार नामक एक युवक की मौत हो गई। परीक्षा देने के लिए चारों छात्र एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर केंदुआ विद्यालय नवादा आ रहे थे। उसी दौरान ट्रक व मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई, जिसमें 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। एक युवक की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने कहा कि डॉक्टर नहीं जाने के कारण ही युवक की मौत हुई है। परिजन ने भी जमकर हंगामा किया। और डॉक्टर नहीं रहने के कारण खूब भद्दी भद्दी गालियां भी दी।

सदर अस्पताल की लापरवाही चरमरा गया है सिस्टम
बता दें कि नवादा की सदर अस्पताल इन दिनों काफी सुर्खियों में है, क्योंकि यहां पर ना ही कोई सही से ड्यूटी करते हैं, ना ही मरीज का सही से इलाज होता है। आलम यह है कि सड़क दुर्घटना में पहुंचे चार लोग छटपटाते रहे, लेकिन कोई इलाज के लिए आगे नहीं आया, क्योंकि डॉक्टर ही सदर अस्पताल से फरार थे।

आरोप है कि इलाज नहीं होने के कारण एक युवक ने दम तोड़ दिया है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह नवादा में लचर व्यवस्था के रूप में साबित है। यहां के मरीजों से ना ही व्यवहार से बात की जाती है ना ही उनकी इलाज किया जाता है। आए दिन इस तरह की घटना देखने को मिलता है। स्वास्थ्य मंत्री का हर दावा बिल्कुल पूरी तरह फेल है।

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