डीएमसीएच में इलाज के अभाव में बच्ची ने एम्बुलेंस में तो’ड़ा द’म, परिजनों ने ज’मकर किया हं’गामा

दरभंगाः उत्तर बिहार के सबसे अस्पताल डीएमसीएच के शिशु रोग विभाग में एक नवजात बच्ची ने डॉक्टरों की लापरवाही के करण एम्बुलेंस में ही द’म तो’ड़ दिया। बच्ची को गं’भीर अवस्था मे वेंटिलेटर युक्त एम्बुलेंस से डीएमसीएच लाया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि वहां विभाग में उपस्थित डॉक्टरों और कर्मियों से काफी मिन्नत आरजू की गई, लेकिन सभी लोग टालमटोल करते रहे। कभी ऑक्सीजन नही होने, तो कभी नीकु विभाग बेड खाली नही होने का बहाना बनाते रहे। काफी गिड़गिड़ाने के बाद भी चिकित्सको ने उसे एम्बुलेंस नही उतारा, डॉक्टर एम्बुलेंस में जांच की। तब तक बच्ची ने दम तोड़ दिया। एम्बुलेंस में जांच करने के उसे मृ’त घोषित कर दिया।

नवजात की मौ’त के बाद आ’क्रोश भ’ड़क उठा

बहादुरपुर थाना क्षेत्र के गंगापटी निवासी धनंजय गुप्ता और उनकी पत्नी देवी अपनी 1 महीने के नवजात बच्ची का इलाज कराने निजी एम्बुलेंस डीएमसीएच के शिशु रोग विभाग आये थे। उनकी बच्ची की स्थिति काफी गं’भीर थी वे शिशु रोग विभाग पहुंच कर वहां उपस्थित डॉक्टर और कर्मचारियों से काफी मिन्नत आरजू की। लेकिन किसी ने नही सुना और उसने डॉक्टरों की लापरवाही के कारण इलाज के अभाव में एम्बुलेंस में ही दम तोड दिया। धनंजय गुप्ता ने बताया कि वो काफी पैसा खर्च अपनी बच्ची को वेंटिलेटर युक्त निजी एम्बुलेंस से ऑक्सीजन लगाकर डीएमसीएम पहुंचे। उन्होंने इलाज के पर्ची भी कटा लिया। लेकिन वहां मौजूद कर्मी ऑक्सीजन सिलेंडर नही रहने और कभी नीकु विभाग में बेड खाली नही रहने का बहाना बना कर टाल मटोल करते है। इस बीच बच्ची ने दम तोड़ दिया।

परिजनों ने समय पर इलाज नहीं होने का लगाया आरोप

परिजनों का आरोप है कि अगर इलाज सही समय से हो गया होता तो बच्ची की जान बच सकती थी। इस मामले पर शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार ने कहा कि परिजनों का आरोप बेबुनियाद है। बच्ची को काफी गंभीर अवस्था मे किसी निजी क्लिनिक से रेफर कराकर लाया गया था। बच्ची एम्बुलेंस में ही वेंटिलेटर पर थी। चिकित्सक ने एम्बुलेंस में ही जाकर जांच की। उसकी सांस हल्की हल्की चल रही थी। वेंटिलेटर से हटाते ही उसकी जान जा सकती थी। इस कारण एम्बुलेंस में ही इलाज शुरू कर उसे स्टेबल करने की कोशिश की गई। लेकिन उसे नही बचाया जा सका।

शिशु रोग विभाग ने जांच कराने का दिलाया भरोसा

डीएमसीएच की अधीक्षक डॉ अलका झा ने कहा परिजनों ने उन्हें फ़ोन घटना की जानकारी दी है। फिलहाल शिशु रोग विभाग ने कोई जानकारी नही दी है। इस मामले की जांच की जाएगी ।

 

 

 

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