मुजफ्फरपुर के गन्नीपुर स्थित नीलकंठ भवन में गोवा के पूर्व राज्यपाल,पूर्व केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड अध्यक्ष,पूर्व प्रोफेसर,भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, सुविख्यात हिंदी लेखिका पद्मश्री स्वर्गीय मृदुला सिन्हा की पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर मंच की अध्यक्ष, डॉक्टर(प्रो) तारण राय, नवरत्न भारत स्वच्छता अभियान एवम राय एजुकेशनल फाउंडेशन के चेयरमैन डॉक्टर मोनालिसा, पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा, ब्रम्हर्षि विकास संगठन मुजफ्फरपुर के महासचिव सुनील कुमार, भारतीय जनता पार्टी रामदयाल मंडल युवा अध्यक्ष अमित कुमार, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक के प्राचार्य डॉ वरुण कुमार राय,एवम अन्य ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

वहीं मंच की अध्यक्षा,पूर्व सिनेटर,भाजपा महिला मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर तारण राय ने अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित किया। आपको बता दें कि दिनांक 27 नवंबर 1942 को जन्मी, मुजफ्फरपुर की बेटी स्वर्गीय मृदुला सिन्हा का जन्म कांटी के छपरा ग्राम के कृषक परिवार में हुआ था। उनकी माता पिता का नाम अनुपा देवी एवम बाबू छबीला सिंह था।

उन्होंने गांव के स्कूल से शुरुआती शिक्षा दीक्षा प्राप्त किया, बाद में मनोविज्ञान से एम ए, बी एड कर,मुजफ्फरपुर के एक कॉलेज में प्रोफेसर बनी। बाद में मोतिहारी के एक कॉलेज में प्रिंसिपल बन नौकरी छोड़ दी।
अपने पति स्वर्गीय प्रोफेसर राम कृपाल सिंह के साथ कदमताल करते हुए राजनीति में रुचि लेने लगी।दिन प्रति दिन उनके मिहनत और लगन ने उन्हें विभिन्न सर्वोच्च पद पर पंहुचा दिया।
वे लेखिका के रूप में भी मशहूर हुई। 80 से अधिक हिंदी साहित्य की पुस्तके,जीवनी,लेख संग्रह,बिहार की लोक कथाएं,स्त्री विमर्श और उपन्यास लिखी।इनके लिखे पुस्तक * एक थी रानी ऐसी* की पृष्ठभूमि पर राजमाता विजया राजे सिंधिया को लेकर एक फिल्म भी बनी थी।
इन्हे साहित्य के क्षेत्र में,उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान,लखनऊ से साहित्य भूषण सम्मान,दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार सहित अनेकों सम्मान पुरस्कार प्राप्त हुए थे।
गोवा के राज्यपाल के रूप में खूब प्रसिद्धि पाई, दिनांक 18 नवंबर2020 को मृत्यु पश्चात पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया।ऐसे अविस्मरणीय चरित्र,कृतित्व,वाला महानायिका विरले ही पैदा लेती है।इन्हे कोटिशः नमन।
पूर्व मंत्री श्री सुरेश कुमार शर्मा ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि आज बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ अभियान में हम लगे है,लेकिन आज से 50 वर्ष पूर्व मृदुला जी पढ़ कर अपनी विद्वता,कार्यकुशलता,सक्षम नेतृत्व क्षमता का परिचय दे दिया था।बेटियो को यह दृढ़ संदेश दिया था कि पढ़ो और आगे बढ़ी।तुम शक्ति केंद्र हो, देवी शक्ति हो।एक तुम्ही हो जो राष्ट्र कल्याण का वाहक हो।
सुनील कुमार,महासचिव,ब्रम्हर्षि विकास संगठन ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा की विद्वान तो बहुत है,नेता भी बहुत है पर अद्भुत क्षमता के धनी स्वर्गीय मातृ शक्ति स्वर्गीय मृदुला जी ने अपने व्यक्तित्व,ज्ञान,मार्गदर्शन से आम जन के दिलो में अपना घर बनाया है।अपनी खोती हुई संस्कृति कितना महत्वपूर्ण है ,हमारे लोक संवाद कितने जनोपयोगी है इसकी भरपूर झलक इनकी रचनाओं और व्यक्तित्व में देखने और सीखने को मिलता है।सं
बोधित करने वालो में प्रमुख थे पूर्व विधान पार्षद प्रोफेसर नरेंद्र प्रसाद सिंह, शिक्षा आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवान लाल साहनी, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक के प्राचार्य डॉक्टर वरुण कुमार राय, भारत स्वच्छ अभियान नवरत्न अजय नारायण सिंह, डॉक्टर शिवगातुला हमीदी, प्रभात कुमार, आनंद सिंह, दीपक पोद्दार, शालिनी कुमारी, विनय पाठक, अमिताभ कुमार, कुमार निरा शरण, शैलेंद्र कुमार, मोहन प्रसाद सिंह,अनिला शाही एवं अन्य गनमान्य लोग उपस्थित रहें।