मुजफ्फरपुर के बागमती और लखनदेई नदी पर पुल बनने का इंतजार समाप्त होने वाला है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसके निर्माण की स्वीकृति दे दी है. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी दी है. इसकी जानकारी मिलते ही औराई और कटरा इलाके में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है. मंत्री गडकरी ने जानकारी दी कि पुल की लंबाई पांच किमी होगी. इसके निर्माण पर 464.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. दरअसल, बागमती नदी मुजफ्फरपुर के कई इलाकों में फैली हुई है. लेकिन, कई इलाके में पुल की सुविधा नहीं है. साथ ही वहां के लोगों को नाव और चचरी पुल के सहारे आना-जाना पड़ता है. जो खतरे से भरा हुआ है. नदी पर इस पुल के बन जाने से औराई और कटरा के लोगो को काफी फायदा होगा.

यह परियोजना मझौली-चरौत 527 सी के अंतर्गत शामिल की गई है. बिना इस पुल के मझौली को चोरित से नहीं जोड़ा जा सकता था. इस पुल के बनने से मुजफ्फरपुर का सीधा जुड़ाव नेपाल से हो जाएगा. मार्च में मझौली-चोरित फोरलेन सड़क निर्माण की डेडलाइन समाप्त हो रही है. इस बीच ही बागमती और लखनदेई नदी पर पुल का निर्माण संभवतः शुरू हो जाएगा. इसके बाद इसके लिए एप्रोच पथ बनाया जाएगा. इसके लिए भूमि का अधिग्रहण भी होगा, ताकि दोनों ओर का जुड़ाव हो सके. सड़क का निर्माण कार्य करीब 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है. कुछ जगहों पर अतिक्रमण है, जिसे हटाने की दिशा में तेज गति से काम किया जा रहा है. इसके अलावा भूमि अधिग्रहण में सरकारी भवन और धार्मिक स्थलों को हटाने के जो मामले लंबित थे, उनका निष्पादन कर लिया गया है.

आवागमन का एकमात्र साधन पीपा पुल
फोरलेन निर्माण कार्य तेज गति से हो रहा है, ताकि मार्च तक इसे पूर्ण कर लिया जाए. बता दें कि इस नदी पर कभी पुल का निर्माण नहीं किया गया. आवागमन का एकमात्र साधन पीपा पुल ही है. अधिक बारिश होने या जलस्तर बढ़ने पर यह डूब जाता है. तब कई महीनों तक औराई-कटरा का जिला मुख्यालय से संपर्क भंग हो जाता है. उस दौरान करीब पांच किलोमीटर अधिक दूरी तय कर लोगों को आवागमन करने पर विवश होना पड़ता था. अब यह समस्या दूर हो जाएगी.