शिक्षा विभाग के बाद अब स्वास्थ्य विभाग भी रिक्त 45 हजार पदों पर नए सिरे से नियुक्तियों की तैयारी में जुट गया है, लेकिन आरक्षण को लेकर बरकरार संशय को दूर करने के लिए विभाग को सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश का इंतजार है।

सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश जारी होने के बाद ही विभाग नियुक्तियों के संबंध में आदेश जारी करेगा।स्वास्थ्य विभाग ने जून महीने के प्रारंभ में ही 45 हजार रिक्त पदों का आकलन करते हुए विभाग को नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए थे।

मंत्री के स्तर पर हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि अक्टूबर तक रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने के लक्ष्य के साथ काम को आगे बढ़ाया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, उस वक्त रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण को आधार बनाकर रोस्टर क्लियर कराया गया और नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू कर गई थी।

परंतु पहले पटना हाईकोर्ट और बाद में सर्वोच्च न्यायालय के स्तर पर 65 प्रतिशत आरक्षण के सरकार के निर्णय पर रोक लगा दी गई। जिससे नियुक्ति प्रक्रिया बाधित हो गई है।

समीक्षा बैठक में लिया गया ये निर्णय
हाल ही में हुई एक समीक्षा बैठक में एक बार फिर नियुक्ति की प्रक्रिया पर विचार किया गया। बैठक में यह सहमति बनी कि आरक्षण को लेकर तकनीकी बाधा को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग से आरक्षण के संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश अथवा गाइड लाइन जारी होने के बाद यह प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।

सूत्रों की माने तो संभावना है कि सामान्य प्रशासन विभाग नए सिरे से आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा के आधार पर नियुक्तियां करने के संबंध में आदेश जारी कर सकता है। शिक्षा विभाग ने इस दिशा में पहल कर भी दी है। उम्मीद है कि एक सप्ताह के अंदर स्वास्थ्य के रिक्त पर पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।





