बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी एनडीए नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि उन्हें अपने-अपने दलों की बजाय एनडीए के कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को भी यह संदेश दिया जाना चाहिए कि वे एनडीए का हिस्सा हैं, न कि केवल जदयू या बीजेपी के। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है, क्योंकि पहले पार्टी नेता अलग-अलग स्तर पर तैयारी करते थे।


नीतीश कुमार ने 17 साल पहले बिहार की स्थिति को याद करते हुए कार्यकर्ताओं से कहा कि वे युवाओं के बीच जाकर उन दिनों की दुर्दशा के बारे में बताएं। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि अब किसी भी कार्यक्रम को पार्टी स्तर पर नहीं, बल्कि एनडीए स्तर पर आयोजित किया जाएगा।



जिसके बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि एनडीए के सभी घटक दलों के नेताओं ने एकजुटता और आपसी समन्वय पर चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि विपक्ष कभी-कभी भ्रामक जानकारियों का प्रचार करता है और हमें ऐसे नेताओं से बचना चाहिए।




इसके साथ ही जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि सभी पांच घटक दलों को एकता के साथ रहकर 2025 के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करना है। उन्होंने विकास विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा कि उनकी एकजुटता ही उनकी ताकत है।
