नालंदा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में स्वास्थ्य सेवाओं का संकट गहराने लगा है. 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के सदस्य वेतन भुगतान में देरी के कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं.


इससे जिले के मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. हड़ताल का मुख्य कारण नए कॉन्टैक्टर द्वारा पुराने एंबुलेंसकर्मियों को नौकरी से बाहर करना और तीन महीने से वेतन का भुगतान ना करना है.


एंबुलेंसकर्मियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से वेतन ना मिलने के कारण त्योहारों का जश्न फीका पड़ गया है.

सीएस कर्मचारी मानने को नहीं है तैयार
संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडेय ने बताया कि दीवाली और छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर भी हमें वेतन नहीं मिला है. ऐसे में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है. हमारी मांग कोई नहीं सुन रहा है.


सिविल सर्जन से मदद मांगने जा रहे हैं तो वो कह रहे हैं कि आप हमारे कर्मचारी नहीं है. ऐसा भी हो सकता है कि सीएम नीतीश भी हमें अपना मानने से इंकार कर दे. एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई है.

सभी 53 एंबुलेंस जिले के बिहारशरीफ स्थित सदर अस्पताल में खड़ी है. हड़ताल के कारण मरीजों को निजी एंबुलेंस या भाड़े की गाड़ी से अस्पताल पहुंचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.


विशेष रूप से प्रसव वाली महिलाएं और बुजुर्गों को इस स्थिति से अधिक परेशानी हो रही है. अस्पताल परिसर में प्राइवेट गाड़ियों का हुजूम है. लोग दोगुना पैसा देकर प्राइवेट ट्रांसपोर्ट का सहारा ले रहे हैं.
