70वीं BPSC परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर जनसुराज नेता प्रशांत किशोर का अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद अनशन जारी है। उन्होंने अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ प्रशांत किशोर का संदेश लेकर पार्टी के कई नेताओं ने आज बिहार के मुख्य सचिव से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने पांच मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा। इन पांच मांगों में अभ्यर्थियों पर हुए कार्रवाई को लेकर श्वेत पत्र लाने की मांग की।

पार्टी नेताओं ने बताया कि 2 जनवरी से चल रहे आमरण अनशन पर 6 जनवरी 2025 को पुलिस प्रशासन को कोर्ट में किया और उन्हें जमानत भी मिल गई। 7 जनवरी की सुबह अपनी बिगड़ने में उन्हें भर्ती कराया गयका बावजूद इसकी हॉस्पीटल में भी सत्याग्रह के क्रम अनशन पर है।

लेकिन सरकार न तो परीक्षार्थियों में मिलकर उनकी समस्या सुन रही है, न ही इस प्रतिक्रिया दे रही है। छात्रों की मांग है कि 70वीं परीक्षा को रद्द कर पुनः परीक्षा करवाई जाए। साथ ही युवा सत्याग्रह समिति द्वारा प्रस्तुत पांच मांगों को मान्यता दी जाए।

जन सुराज नेताओं ने मांग की है कि प्रशांत किशोर जी के आमरण अनशन से उनकी बिगड़ती तबियत की देखते हुए, शीघ्रातिशीघ्र ही 70वीं BPSC को रद्द कर पुन परीक्षा कराई जाने के संबंद में और उपरोक्त पाँच प्रमुख मांगों पर परीक्षार्थियों के पौच सदस्यीय शिष्टमंडल की माननीय मुख्यमंत्री से एक बैठक करवाई जाए और सकारात्मक कदम उठाया जाए।

मुख्य सचिव से मिलनवालों में पार्टी नेता मनोज भारती, किशोर कुमार मुन्ना, अफाक अहमद, सरवर अली, अरविंद ठाकुर, सीताराम यादव, ललन यादव, एन.के मंडल शामिल थे।
