बिहार : बिहार पुलिस ने देश भर में अपनी वीरता और प्रोफेशनल पुलिसिंग का परचम लहराया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बिहार पुलिस को भारत के राष्ट्रपति के पुलिस कलर पुरस्कार से सम्मानित करने की मंजूरी दे दी है। इसे ‘निशान’ के नाम से भी जाना जाता है। भारत में किसी पुलिस बल को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है, जो उसकी असाधारण सेवा, वीरता और व्यावसायिकता की मान्यता में दिया जाता है।

यह पुरस्कार किसी राज्य पुलिस बल या केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की दीर्घकालिक उत्कृष्टता और प्रतिबद्धता की पहचान है। इसे भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दिया जाता है। भारत के राष्ट्रपति का पुलिस कलर केवल एक बार दिया जाता है। पुरस्कार प्राप्त करने वाले इसे अपनी वर्दी की बाईं आस्तीन पर एक विशेष प्रतीक चिन्ह पहनते हैं।

सिक्किम पुलिस को जनवरी 2026 में यह पुरस्कार दिया गया था। इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए पात्र होने के लिए सशस्त्र बल या पुलिस इकाई द्वारा 25 वर्षों की असाधारण सेवा अनिवार्य है। बिहार पुलिस के एडीजी मुख्यालय सुनील कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति का पुलिस कलर पुरस्कार प्राप्त करना न केवल बिहार पुलिस बल के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि यह कर्तव्य, अनुशासन और साहस के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है। यह अवार्ड बिहार पुलिस के पदाधिकारियों और जवानों में और अधिक जिम्मेदारी और कर्तव्य के प्रति वफादारी की भावना को बढ़ावा देगा। आने वाले समय में बिहार पुलिस और भी अधिक प्रोफेशनल होकर प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।

जदयू एमएलसी सह मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस पर पुलिस डिपार्टमेंट को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस की कार्य क्षमता और दक्षता को केंद्र की सरकार भी समझती है। उन्होंने कहा है कि सीएम नीतीश कुमार के राज में बिहार पुलिस बेहतर काम कर रही है। बेटियों की हिस्सेदारी में बिहार पुलिस देश भर में नंबर वन है।
