पटना : बिहार में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को आखिरकार राहत तो मिली है, लेकिन यह राहत भारी कीमत चुकाकर आई है. आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की घटनाओं ने पूरे राज्य में तबाही मचा दी है. अलग-अलग जिलों में हुई इन घटनाओं में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं.

बिहार में मौसम ने ली करवट
मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने जहां तापमान को नीचे गिराया है, वहीं जनजीवन को काफी प्रभावित किया है. तेज आंधी और तूफान के कारण कई जगह पेड़, बिजली के खंभे और तार गिर गए, जिससे बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. कई इलाकों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा. सड़कों पर गिरे पेड़ों के कारण यातायात व्यवस्था भी ठप हो गई और लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा. कुछ स्थानों पर रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं.

पूरे राज्य में 14 लोगों की मौत
बेगूसराय में एक निर्माणाधीन इमारत की दीवार गिरने से एक युवक की मलबे में दबकर मौत हो गई. हाजीपुर में पेड़ गिरने से एक छह साल के मासूम की जान चली गई. मरहौरा में भी इसी तरह की घटना में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई. औरंगाबाद में शादी समारोह में शामिल होने गए 50 वर्षीय अक्षय राम की वज्रपात से मौत हो गई. मधुबनी में बिजली गिरने से छह लोग घायल हुए, जबकि दो लोगों की जान चली गई.

पश्चिम चंपारण में भी दो लोगों की मौत हुई. एक पेड़ गिरने से और दूसरा ई-रिक्शा पलटने से. दरभंगा और मुजफ्फरपुर में दो-दो लोगों की जान गई, जबकि समस्तीपुर में एक व्यक्ति की मौत हुई. खगड़िया जिले में भी वज्रपात की एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां गगौर थाना क्षेत्र के जहांगिरा पंचायत के सदानंद कठोरा गांव में 25 वर्षीय मिथलेश कुमार की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई. इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है.

किसानों को भारी नुकसान
सीतामढ़ी सहित कई जिलों में वज्रपात और ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है. कुछ जगहों पर बिजली गिरने से घरों में आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं. आंधी और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ा है. खासकर आम और लीची की फसल को भारी नुकसान हुआ है. तेज हवाओं और ओलों ने फलों को पेड़ों से गिरा दिया, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है.
येलो अलर्ट जारी
फिलहाल, मौसम विभाग ने राज्य के 33 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है. विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज-चमक और वज्रपात की भी संभावना बनी हुई है. यह स्थिति 3 मई तक जारी रहने की आशंका है.
सतर्क रहने की हिदायत
ऐसे में लोगों को सतर्क रहने, खुले स्थानों से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग ने लोगों से अपील किया है कि उनके मोबाइल पर जब भी अलर्ट मैसेज जाता है तो उसके बाद सतर्क हो जाएं और उसी के अनुसार अपनी योजना बनाएं. मौसम विभाग की ओर से जब मौसम खराब होता है तो उसके 15 से 20 मिनट पहले लोगों के मोबाइल पर अलर्ट मैसेज भेजा जाता है.

क्यों अचानक मौसम ने ली करवट?
दरअसल, पिछले सप्ताह तक बिहार के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका था. तेज धूप और लू जैसी गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया था. हालांकि, अब बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्री-मानसून गतिविधियों के कारण वातावरण में अस्थिरता आई है, जिसके चलते कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं.
कुछ जिलों में अभी भी पारा हाई
तापमान में गिरावट जरूर दर्ज की गई है, लेकिन कुछ जिलों में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है. कैमूर जिला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. गया में 33.2 और राजगीर में 33.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. राजधानी पटना में भी मौसम बदला हुआ है और आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है.