मोतिहारी : बिहार के मोतिहारी में लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिस जवानों पर ही अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है. मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. आरोप है कि नगर थाना के बाइक सेल में तैनात दो पुलिसकर्मी सादे लिबास में दूसरे थानाक्षेत्र में वसूली करने पहुंचे थे.

क्या है आरोप?
ग्रामीणों ने जब उनकी गतिविधियों पर संदेह जताया तो दोनों को नकली पुलिसकर्मी समझकर घेर लिया. इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने दोनों के साथ मारपीट कर दी. घटना शुक्रवार की देर रात रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के मजुराहा गांव की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, नगर थाना के बाइक सेल में तैनात सिपाही राजीव कुमार और आशीष कुमार सादे लिबास में मजुराहा गांव पहुंचे थे. ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर लोगों को शक हुआ. इसी दौरान पुलिस के नाम पर पैसे मांगने की बात सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया.

पुलिसवालों के साथ मारपीट
देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई और दोनों पुलिसकर्मियों को घेर लिया. ग्रामीणों ने उन्हें नकली पुलिसकर्मी समझकर विरोध शुरू कर दिया. मामला इतना बढ़ गया कि भीड़ ने दोनों के साथ मारपीट कर दी. मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई.

घटना की सूचना मिलने के बाद डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची. पुलिसकर्मियों ने किसी तरह दोनों जवानों को आक्रोशित भीड़ के बीच से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. इसके बाद पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई. पुलिस जांच में दोनों की पहचान नगर थाना के बाइक सेल में तैनात सिपाही राजीव कुमार और आशीष कुमार के रूप में हुई. राजीव कुमार 2014 बैच के, जबकि आशीष कुमार 2025 बैच के सिपाही बताए जा रहे हैं. आरोप है कि दोनों अपने तैनाती क्षेत्र से बाहर जाकर अवैध वसूली की कोशिश कर रहे थे.
दोनों जवानों को किया गया निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान ने दोनों जवानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है और अब उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है. वहीं, मजुराहा के वार्ड पार्षद पति राकेश सिंह समेत कई स्थानीय लोगों ने ऐसी शिकायतों की गहन जांच कराने की मांग की है. सदर एसडीपीओ दिलीप कुमार ने भी मामले में उचित कार्रवाई की बात कही है.

स्थानीय लोगों का आरोप
वार्ड पार्षद पति राकेश कुमार का आरोप है कि उनके ड्राइवर को पकड़कर दोनों जवानों ने 50 हजार रुपये की मांग की थी. राकेश कुमार के मुताबिक, उन्होंने ऑनलाइन 5 हजार रुपये दिए, जबकि उनके ड्राइवर ने 20 हजार रुपये दिए. राकेश कुमार के ड्राइवर नंदू कुमार ने भी दावा किया कि उससे 20 हजार रुपये लिए गए थे. वहीं, स्थानीय निवासी मंटू कुमार का आरोप है कि उससे 1 हजार 800 रुपये लिए गए और उसे झूठे शराब के मामले में फंसाने की धमकी दी गई.