कटिहार: बिहार के कटिहार जिले के बाढ़ प्रभावित अमदाबाद प्रखंड में लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बाढ़ के पानी से परेशान रहे ग्रामीण अब गंगा नदी के भीषण कटाव की दोहरी मार झेल रहे हैं। प्रखंड की पार दियारा ग्राम पंचायत के युसूफ टोला में पिछले कई दिनों से जारी कटाव के कारण आधा दर्जन से अधिक घर गंगा नदी में समा चुके हैं। कई अन्य घरों पर भी कटाव का खतरा मंडरा रहा है। इससे इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है।

जिन परिवारों के घर नदी में समा गए हैं, उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। वहीं, आसपास के घरों में रहने वाले लोग भी अपने आशियाने को बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। लोग घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित रखने लगे हैं। ग्रामीणों को हर पल इस बात की चिंता सता रही है कि कहीं गंगा नदी का रुख बदलने से उनके घर भी कटाव की भेंट न चढ़ जाएं।

बांस का रोल डालकर कटाव रोकने की कोशिश
कटाव प्रभावित स्थल पर बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल की ओर से बांस का रोल डालकर कटाव रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस उपाय से कटाव पर प्रभावी रोक लगना मुश्किल है। उन्हें आशंका है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कई और घर गंगा नदी में समा सकते हैं।

ग्रामीणों ने की बोल्डर पिचिंग कराने की मांग
गंगा के कटाव से परेशान ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभाग से प्रभावित इलाके में बोल्डर पिचिंग कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कटाव रोकने के लिए मजबूत और प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है, ताकि बचे हुए घरों को नदी में समाने से बचाया जा सके।

फिलहाल, युसूफ टोला के लोगों की निगाहें प्रशासन और सरकार की ओर टिकी हैं। ग्रामीण चाहते हैं कि समय रहते कटाव निरोधक कार्य कराया जाए, जिससे उनके घर और परिवार सुरक्षित रह सकें।


