मुजफ्फरपुर: शहर के पंचमुखी मालीघाट चौक स्थित श्री माँ दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस वर्ष दुर्गा पूजा का आयोजन भव्य रूप से किया जा रहा है। करीब सात दशकों से चली आ रही पूजा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार पूजा पंडाल में पर्यावरण संरक्षण पर आधारित अनूठी थीम प्रस्तुत की जाएगी। धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश देने वाली यह थीम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी।


पंडाल में लगभग आठ मिनट का विशेष मंचन किया जाएगा, जिसमें माँ दुर्गा और माँ काली के दिव्य स्वरूप के माध्यम से पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाली आसुरी शक्तियों के संहार का दृश्य दिखाया जाएगा। इस प्रस्तुति के जरिए लोगों को संदेश दिया जाएगा कि पृथ्वी, जल, वायु और हरियाली की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

आज प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से पर्यावरण को हो रहे नुकसान के बीच यह थीम लोगों को प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों का एहसास कराने का प्रयास करेगी।


समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार पटेल ने बताया कि इस वर्ष पूजा पंडाल में धार्मिक भावना के साथ पर्यावरण बचाने का संदेश भी प्रमुखता से दिया जाएगा। वहीं, समिति के महामंत्री प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि पंडाल की सजावट को आकर्षक और भव्य रूप देने के लिए बाहर से कुशल कारीगरों को बुलाया गया है।


पूजा के दौरान चार दिनों तक श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही दशमी के दिन भव्य महाभंडारे का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालुओं को खिचड़ी महाप्रसाद वितरित किया जाएगा। समिति की ओर से शहरवासियों और श्रद्धालुओं से महाभंडारे में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करने की अपील की गई है।


श्री माँ दुर्गा पूजा समिति में अध्यक्ष राजेश कुमार पटेल, उपाध्यक्ष विष्णु महतो, महामंत्री प्रफुल्ल कुमार, कोषाध्यक्ष सुरेश प्रसाद पटेल और उपकोषाध्यक्ष राजीव कुमार उर्फ बंटी शामिल हैं। इसके अलावा डॉ. वीरेंद्र पासवान, पशुपति कुमार प्रधान, दिलीप कुमार, सोनू सिंह, रवि शंकर सहित अन्य सदस्य आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।


इस वर्ष पंचमुखी मालीघाट चौक का दुर्गा पूजा पंडाल भक्ति, परंपरा और पर्यावरण संरक्षण के संदेश का संगम बनेगा। माँ दुर्गा की आराधना के साथ प्रकृति की रक्षा का संदेश लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने और सुरक्षित भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देगा।
