नेपाल में सुरंग खोदकर भागे 5 दु’ष्कर्मी समेत 8 कुख्यात कैदी, बिहार सीमा पर बढ़ी सुरक्षा

मोतिहारी: नेपाल में एक के बाद एक सामने आई दो संवेदनशील घटनाओं ने बिहार सुरक्षा और रणनीतिक तंत्र को पूरी तरह अलर्ट कर दिया है. नेपाल के डोल्पा जिला कारागार से आठ कैदियों के सुरंग बनाकर फरार होने और बिहार के अररिया जिले से सटी जोगबनी सीमा के पास विराटनगर में संदिग्ध बम विस्फोट होने के बाद हड़कंप मच गया है. भारत-नेपाल सीमावर्ती इलाकों में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा विशेष निगरानी बढ़ा दी गयी है.

खुली सीमा का उठा सकते हैं फायदा

नेपाल के डोल्पा जिले के मुख्यालय दुनै स्थित जिला कारागार से आठ कैदी बैरक के फर्श से करीब 4 मीटर 63 सेंटीमीटर लंबी सुरंग खोदकर फरार हो गए. चूंकि भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा है, इसलिए इस जेल ब्रेक कांड ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं.

भागने वाले कैदी

  • राम बीके (निवासी: आठबिसकोट नगरपालिका-10, रुकुम पश्चिम) – दुष्कर्म के मामले में दोषी
  • काली प्रसाद रोकाया (निवासी: त्रिपुरासुंदरी नगरपालिका-7, डोल्पा) – दुष्कर्म के मामले में दोषी
  • हरि बहादुर बुढ़ा उर्फ धन बहादुर बुढ़ा (निवासी: त्रिपुरासुंदरी-4, डोल्पा) – दुष्कर्म के मामले में दोषी
  • रेशम राणा (निवासी: कुमाख ग्रामीण नगरपालिका-5, सल्यान) – दुष्कर्म के मामले में दोषी
  • यज्ञ बीके (निवासी: बारेकोट ग्रामीण नगरपालिका-1, जाजरकोट) – दुष्कर्म के मामले में दोषी
  • अन्य 3 कैदी – इनमें चोरी के मामले में सजायाफ्ता और न्यायिक हिरासत में रखे गए 2 विचाराधीन कैदी भी शामिल हैं.

आशंका जताई जा रही है कि फरार कैदी की गिरफ्तारी से बचने के लिए भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं, जिससे सीमावर्ती राज्यों की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक नया खतरा पैदा हो सकता है. इसलिए मोतिहारी और अन्य सीमावर्ती इलाकों में जवानों की तैनाती गयी है. रक्सौल डीएसपी मनीष कुमार आनंद ने बताया कि बॉर्डर पर नजर रखी जा रही है.

घटना के बाद नेपाल की जिला पुलिस कार्यालय डोल्पा की टीम भी सक्रिय हो गई है. डीएसपी अनिलराज गिरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत जेल पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. डीएसपी अनिलराज गिरी ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार कैदी जेल के भीतर सुरंग बनाकर ही फरार हुए हैं. हालांकि सुरंग किस तरह खोदी गई, इसमें कितने दिनों का समय लगा और जेल प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी, इन सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है.

भारतीय खुफिया तंत्र इस बात को लेकर बेहद सतर्क है कि ये शातिर अपराधी सीमा पार कर बिहार के पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण या अररिया जैसे सीमावर्ती जिलों में शरण न ले लें. इन अपराधियों की धरपकड़ के लिए दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बल आपसी तालमेल से काम कर रहे हैं.

 

जोगबनी सीमा के पास संदिग्ध ब्लास्ट

भारतीय सुरक्षा के लिहाज से दूसरी सबसे चिंताजनक घटना जोगबनी मुख्य सीमा से महज आधा किलोमीटर दूर नेपाल के विराटनगर में हुई है. यहां रविवार को जूट मिल के पीछे एक खाली स्थान पर लगे कचरे के ढेर में अचानक बेहद शक्तिशाली और संदिग्ध बम विस्फोट हुआ. जोगबनी बॉर्डर भारत और नेपाल के बीच व्यापार और आवाजाही का एक बेहद प्रमुख केंद्र है, इसलिए इतनी नजदीकी पर धमाका होना भारतीय सुरक्षा ग्रिड के लिए एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है.

विस्फोट में महिला समेत दो घायल

इस संदिग्ध विस्फोट में स्थानीय निवासी नजवा खातून और उनके ससुर हैदर अली गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत निजी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज सीमा के इस पार भारतीय क्षेत्रों में भी सुनी गई. जोगबनी सीमा के ठीक पास हुए इस धमाके के बाद भारतीय सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस ने नो-मेंस लैंड के आसपास गश्त तेज कर दी है.

अंतरराष्ट्रीय साजिश की हो रही जांच

नेपाल पुलिस की टीमें इस समय सीनियर सब-इंसपेक्टर राम प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच में जुटी हैं. प्रारंभिक तौर पर विस्फोटक सामग्री की प्रकृति स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिसके लिए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी अनुसंधान और श्वान दस्ते की मदद ली जा रही है. भारतीय सुरक्षा विशेषज्ञ इस एंगल से भी नजर रख रहे हैं कि कहीं इस धमाके के पीछे सीमा पर अशांति फैलाने वाली किसी बाहरी या असामाजिक ताकत की कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी.

भारतीय सुरक्षा ग्रिड पूरी तरह मुस्तैद

एक तरफ डोल्पा जेल से अपराधियों का भागना और दूसरी तरफ जोगबनी सीमा के बिल्कुल करीब संदिग्ध विस्फोट होना, दोनों ही भारत की सीमा सुरक्षा से सीधे जुड़े मामले बन गए हैं. हालांकि इन दोनों घटनाओं में कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है, फिर भी भारतीय सुरक्षा बलों के लिए इन घटनाओं पर पैनी नजर रखना बेहद अहम है. सीमा पार से होने वाली किसी भी संदिग्ध आवाजाही और अवांछित गतिविधियों को रोकने के लिए खुफिया इनपुट के आधार पर भारतीय सीमा पर चेकिंग अभियान को काफी सख्त कर दिया गया है.

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