बिहार: छठ महापर्व पर घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है। बिहार के रेलवे स्टेशनों पर बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए समस्तीपुर रेल मंडल ने प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यानी अब अगर आप किसी परिजन को ट्रेन में बैठाने या स्टेशन पर लेने जाने की सोच रहे हैं, तो आपको प्लेटफॉर्म टिकट नहीं मिल पाएगा। रेलवे के इस फैसले का असर समस्तीपुर रेल मंडल के 12 प्रमुख स्टेशनों पर पड़ेगा।

रेलवे ने यह कदम छठ के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ और स्टेशन परिसर में होने वाली अव्यवस्था को रोकने के उद्देश्य से उठाया है। खास बात यह है कि यह पाबंदी कुछ दिनों के लिए नहीं, बल्कि करीब दो सप्ताह तक लागू रहेगी। ऐसे में अगर आप भी छठ के दौरान ट्रेन से सफर करने वाले हैं या किसी को स्टेशन छोड़ने जाने की योजना बना रहे हैं, तो इस नए नियम को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

12 नवंबर से 25 नवंबर तक नहीं बिकेंगे प्लेटफॉर्म टिकट
समस्तीपुर रेल मंडल प्रशासन की ओर से जारी व्यवस्था के मुताबिक, मंडल के 12 स्टेशनों पर 12 नवंबर से 25 नवंबर तक प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। इस दौरान प्लेटफॉर्म पर प्रवेश केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जिनके पास ट्रेन से यात्रा करने का वैध टिकट होगा। यानी यात्रियों को छोड़ने या रिसीव करने के लिए स्टेशन के अंदर जाने वाले परिजनों और रिश्तेदारों को प्लेटफॉर्म टिकट नहीं मिल सकेगा। रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ कम होगी और यात्रियों को ट्रेन पकड़ने में परेशानी नहीं होगी।

आखिर रेलवे ने क्यों लिया यह फैसला?
दरअसल, छठ महापर्व बिहार का सबसे बड़ा त्योहार है। इस दौरान दिल्ली, मुंबई, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और देश के दूसरे राज्यों में काम करने वाले लाखों लोग अपने घर लौटते हैं। छठ पूजा समाप्त होने के बाद वापस काम पर लौटने वालों की भी भारी भीड़ रेलवे स्टेशनों पर उमड़ती है।

