
PATNA (ARUN) : बीते सोमवार को पुलिस विभाग के मुखिया नवनियुक्त डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय का जन्मदिन मुस्लिम समुदायों समेत दलित-महादलित, अकलियत द्वारा पूरे धूमधाम से मनाते हुये शराबबंदी पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये और उपस्थित सभी लोगों ने डीजीपी के दीर्घायु की कामना करते हुये मिठाई खिलाकर मुंह मीठा किया। गुप्तेश्वर पांडेय के 58 में जन्मदिन के अवसर पर मसौढ़ी के मलिकाना मदरसा ने यादगार बना दिया। इस अवसर पर मसौढी मदरसा में मौलाना मसहद, मौलाना तौकीर, मौलाना असअद ने केक काटा तथा लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर जन्मदिन मनाया। सभी लोगों ने गुप्तेश्वर पांडेय सर के दीर्घायु होने की कामना की।

वहीं मसौढ़ी के नशा मुक्त यूथ ब्रिगेड ने यादगार बना दिया। मसौढी के शिवचक -मीरचक के महादलित बस्ती में डीजीपी श्री पाण्डेय के जन्मदिवस के मौके पर केक काट कर तथा एक दूसरे को मिठाई खिलाकर जन्मदिन मनाया। सभी लोगों ने गुप्तेश्वर पांडेय सर के दीर्घायु होने की कामना किया। इस मौक़े पर सुनील कुमार गावस्कर, राहुल चन्द्र समेत कई लोग उपस्थित थे।

उधर नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय का जन्मदिवस पर पैतृक जिले के निवासियों ने हर्षोल्लास के साथ मनाया. इस दौरान इटाढ़ी प्रखंड के नाथपुर स्थित अनुसूचित बस्ती के निवासियों ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर उनका जन्मदिन मनाते हुए मिठाइयां बांटी. वहीं यूथ ब्रिगेड के पदाधिकारियों तथा उनके अन्य चाहने वालों तथा प्रबुद्धजनों ने उनके जन्मदिवस पर मिठाईयां बाँट खुशियां मनाई. अपनी कार्यशैली और मृदुभाषी व्यवहार से बिहार के हरदिल अजीज नवनियुक्त डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय के 58वें जन्मदिन पर उनके गृहजिला बक्सर समेत बेगूसराय, फतुहा, जहानाबाद, मसौढ़ी, सीतामढ़ी, सोनपुर, पटना, कैमूर आदि कई जिलो में हर्षोल्लास से मनाया गया।

गृह जिले समेत पूरे सूबे में डीजीपी का जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाये जाने पर डीजीपी श्री पाण्डेय ने कहा कि बिहार की जनता ने जो प्यार, स्नेह और आशीर्वाद दिया है, वो आजन्म नहीं भूल सकता हूँ. जनता ने न सिर्फ उनकी शराबबंदी कानून में दिलोजान से सहयोग करते हुए अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है बल्कि डीजीपी बनने के बाद सूबे की जनता की जो आस उम्मीद पुलिस प्रशासन के प्रति कायम हुई है, उसे हर हाल में कायम रखूँगा और इस दिशा में जो बेहतर से बेहतर होगा वो कार्य करूँगा. उन्होंने सूबे की जनता से पुनः अपील करते हुए कहा कि अपराध नियंत्रण की दिशा में पुलिस प्रशासन का भरपूर सहयोग करें, न्यायपालिका पर भरोसा कायम रखें.
मैं ए सी कमरों में बैठ कर पुलिसकर्मियों पर शासन करने वाला और मॉनिटरिंग करने वाले पुलिस पदाधिकारियों में से नहीं हूँ. मैं हर जिले के गाँव-गाँव में जाकर जनता की सुधि लेने वाला और अपराध और नशे का पुरजोर विरोधी हूँ. मैं दोषी कर्मियों के खिलाफ त्वरित एक्शन लेने और अच्छा व सराहनीय कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित और सम्मानित करने वाला अधिकारी हूँ.


शराब, नशापान जैसे सामाजिक बुराई के विरोध में डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने जो मुहिम छेड़ी है इससे डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय लोगों के दिलों में बस गये हैं और इन्हें तमाम लोग इसके लिए बधाई दे रहे हैं. लेकिन खास बाात यह भी है कि जिस माहौल से पढ़-लिख कर गुप्तेश्वर पांडेय आगे बढ़े हैं, यह बिहार ही नहीं पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरक है. पहली बार किसी पुलिस अधिकारी के लिये बिहार के जनमानस के दिलों में इतनी ज्यादा इज्जत आदर-भाव और स्नेह देखी जा रही है। शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने और नशा से होने वाले दुष्प्रभावों को बताने डीजीपी जिस किसी भी जिले में गये, जनता ने उन्हें मान-सम्मान दिया और अपने कुशल और मृदुभाषी व्यवहार से लोगों के दिल में बस गये।

उन्होंने हमेशा से ही पुलिस और पब्लिक संवाद बेहतर बनाने की दिशा में जोर दिया है। साथ ही पुलिसकर्मियों को जनता के साथ बेहतर संबंध बनाने की बात कहते नजर आते है। नवनियुक्त डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय का अथक प्रयास से पुलिस पब्लिक संवाद से उनकी ये कर्तव्यपरायणता पुलिस के प्रति लोगों के मन मे बनी गलत धारणा को भी बदलने का काम कर रही है। विधि व्यवस्था संधारण के साथ ही आम जनता में बदलाव का भी वाहक भी बन चुकी है।

श्री पाण्डेय अपराधियों में दहशत पैदा कर देनेवाले आम आदमी के हर दिल अजीज हैं. वो स्मार्ट पुलिसिंग और कम्युनिटी पुलिसिंग के माहिर और साम्प्रदायिक तनाव को चुटकी बजाते नियंत्रित करने के लिए जाने जाते हैं. बिहार के तकरीबन सभी जिलों में एसपी, डीआईजी, आईजी, एडीजीपी जैसे पदों पर योगदान दे चुके हैं और अपनी कर्त्तव्यनिष्ठा, बेहतर पुलिसिंग की बदौलत वे सभी जिलों के निवासियों के दिल में बस चुके हैं। पूरे बिहार की जनता ने उनके डीजीपी बनने पर स्वागत किया है, और अपनी कार्यशैली से उन्होंने बिहार की जनता के दिलों में पुलिस प्रशासन के प्रति सम्मान दिलाने का कार्य किया है। उनके डीजीपी बनने से सूबे के लोगों में अपराध नियंत्रण होने की दिशा में आस बंधी है।

आईएएस और आईपीएस होना एक अलग मेधा का सुखद परिणाम है। लेकिन देश समाज के लिए प्रेरणादायक कार्य करते हुये एक नये और नशामुक्त राज्य की कल्पना करते हुये उसे अपना लक्ष्य और जुनून बना लेना बहुत बड़ी बात है डीजीपी श्री पाण्डेय एक नया बिहार गढ़ रहे हैं जो व्यक्तित्व बनाने वाले दक्ष कारीगर हैं। प्रशासनिक क्षमता में दक्ष, आध्यात्मिक ज्ञान के भंडार और आंदोलनकारी, संघर्षशील, जुझारू, कर्मठ, देशभक्त, और नेक दिल पुलिस पदाधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय के व्यक्तित्व के लोग यूं ही नहीं कायल हैं।

गत् वर्ष दिसम्बर में मसौढी़ में एक कार्यक्रम में जाने के दौरान जनता ने उनके काफिले को इस कदर घेर लिया कि उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के पूर्व गांधी मैदान का रुख करना पड़ा जहाँ उन्होंने लोगों को सम्बोधित किया। स्थल पर उमडी़ भीड़ को देखने से ही डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय की लोकप्रियता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता था।

नशामुक्त जनजागरण अभियान के प्रेरणा पुरुष बन चुके बिहार के नवनियुक्त डीजीपी जिनके पुरुषार्थ के चर्चा आज पूरे देश में हो रही है, जिससे पूरा समाज और राज्य गौरवान्वित है। कर्तव्य पथ पर अडिग रहकर अपने दायित्वों का पूर्ण समर्पण, ईमानदारी और बहादुरी के साथ निर्वहन करने वाले करते हुये अपराधियो, व माफियाओं पर नकेल कसने वाले वरिष्ठ IPS अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय एक नया और खुशहाल राज्य गढ़ रहे हैं।
