सोशल मीडिया पर टिक टॉक पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित मामले मद्रास उच्च न्यायालय से शीर्ष अदालत में स्थानांतरित करने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ चीन की फर्म की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी के इस तर्क से सहमत नहीं थी कि मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ में लंबित टिक टॉक से संबंधित सारे मामले तेजी से निपटारे के लिए शीर्ष अदालत में स्थानांतरित कर दिये जायें।

15 सेकेंड के वीडियो वाले इस एप ने डाउनलोडिंग के मामले में फेसबुक को भी पीछे छोड़ दिया है। मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को टिक टॉक की डाउनलोडिंग पर रोक लगाने का आदेश दिया था जिसके बाद टिक टॉक ने कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी जिसे अब कंपनी ने वापस ले लिया है।