हिंदुओं के लिए मुसलमानों ने बढ़ाई बकरीद की तारीख, जानें वजह…

सोमवारी के लिए मुसलमानों ने बढ़ा दी ‘कु’र्बानी’ की तारीख, 13 को मनाएंगे बकरीद. देश भर में बकरीद (Bakrid) जहां 12 अगस्त को मनाया जायेगा वहीं बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में अल्पसंख्यकों ने 13 अगस्त को बकरीद मनाने का फैसला लिया है. भाईचारा और साम्प्रदायिक सौ’हार्द (Communal Harmony) की मि’शाल पेश करते हुए अल्पसंख्यक समुदाय (Minorities) के लोगों ने यह फैसला लिया है.

दरअसल सावन (Sawan) की अंतिम सोमवारी को बाबा गरीबनाथ धाम में लोगों की भा’री भी’ड़ जु’टती है ऐसे में मंदिर (Temple) में जु’टने वाली भक्तों की भी’ड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. बाबा गरीबनाथ धाम मंदिर (Garib Nath Dham) से स’टे एक मस्जिद से इस बात का ए’लान भी कर दिया है कि मुसलमान भाई सोमवार के बदले मंगलावर को बकरीद मनायेंगे.

एक ही दिन है सोमवारी और बकरीद

इस बार 12 अगस्त यानि सोमवार को सावन की अंतिम सोमवारी है तो दूसरी तरफ मुसलमान भाईयों का पर्व बकरीद. यह पहला मौका है जब दोनों पर्व सावन की सोमवारी की ही पड़ा है, ऐसे में मुजफ्फरपुर के छाता बाजार स्थित अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने द’रियादिली दिखाई है. यहां के 37 अल्पसंख्यक परिवारों ने सोमवार को बकरीद नहीं मनाने का ए’लान किया है.

इमाम ने की घोषणा

आपस में लिये गये निर्णय को मस्जिद के इमाम ने घोषणा कर बता दिया है कि कोई जरूरत नहीं कि 12 अगस्त को ही बकरीद म’ने. कुरान के अनुसार तीन दिनों तक लोग बकरीद मना सकते हैं. अल्पसंख्यक समुदाय ने यह निर्णय इसलिए लिया है कि बाबा गरीबनाथ धाम मंदिर में सावन के सोमवार को जलाभिषेक के लिए आने वाले हिन्दू श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दि’क्कत नहीं हो.

भाईचारा के लिए लिया फैसला

मुजफ्फरपुर के इमाम सईजुद जमां ने बताया कि यह फैसला मानवता के लिए ,भाईचारा के लिए समाजिक सौ’हार्द के लिए सबकी र’जामंदी से लिया गया है. यह पहला मौका है जब एक साथ सावन की सोमवारी और बकरीद है. ऐसे में हिन्दू भाईयों के लिए हमने एक दिन बाद बकरीद मनाने का एलान किया है.

कांवरियों का रखा ख्याल

37 अल्पसंख्यक परिवारों में से 26 परिवारों के यहां कुर्बा’नी के लिए बकरा पहले से खरीदा गया था लेकिन अब बकरीद की कुर्बानी सोमवार की जगह मंगलवार को की जायेगी. छाता बाजार के वार्ड नंबर 21 के पार्षद के पी पप्पू ने सबसे पहले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से इस बात के लिए सु’झाव दिया कि वे बाबा गरीबनाथ धाम में आने वाले लाखों कांवरियों के आस्था और श्रद्धा का ध्यान देते हुए अपने पर्व को एक दिन टा’ल दें, और फिर एैसा ही हुआ.

हिन्दुओं ने भी लिया मदद का संकल्प

शुक्रवार को जुमे की नवाज के बाद सभी अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने एक दिन बाद बकरीद मनाने का निर्णय ले लिया. हिन्दू समुदाय के लोगों ने भी सोमवार को बकरीद के नमाज पढ़ने जाने वाले लोगों को मदद पहुंचाने का संकल्प लिया है. छाता बाजार के मोहम्मद आजाद ने बताया कि घर के लोगों खासकर बच्चों को भी इस बात के लिए रजामंद कर लिया है कि नमाज तो बकरीद की अदा करेंगे लेकिन बकरे की कुर्बा’नी एक दिन बाद यानि मंगलवार को करेंगे.

सूबे में बकरीद और सावन की सोमवारी एक दिन पड़ने से जहां सरकार और प्रशास विधि-व्यवस्था को लेकर चिं’तित है वहीं आपसी समझदारी और नेक निर्णय स मुजफ्फरपुर के अल्पसंख्यक लोगों ने आपसी एकता और भाईचारा की मि’शाल पे’श की है.

source: news18

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