बालाकोट में भारतीय एयरफोर्स के ह’मले के बाद प्रियंका ने अपने ट्वीट में ‘जय हिंद, भारतीय सेना’ लिखा था। जिसके बाद पाकिस्तानी महिला का कहना था कि संयुक्त राष्ट्र सद्भावना दूत होते हुए उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने भी यूनिसेफ को चिट्ठी लिखकर प्रियंका चोपड़ा को हटाने की मांग की।

एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने इस मामले में बात की है। प्रवक्ता के अनुसार, ‘संयुक्त राष्ट्र सद्भावना दूत प्रियंका चोपड़ा किसी भी मु’द्दे पर बोलने का अधिकार रखती हैं। अगर वो अपनी निजी राय रखती हैं तो वो किसी भी मु’द्दे पर बोल सकती हैं।’

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा कि ‘उनके निजी विचार या कामों को यूनिसेफ से जोड़कर नहीं देख सकते। हां, जब वो यूनिसेफ की ओर से बोलती हैं, तो हम उनसे यूनिसेफ के निष्पक्ष पदों का पालन करने की अपेक्षा करते हैं।’