ससुराल आने-जाने में विनोद और उसकी साली राजनन्दिनी उर्फ अंतिमा में प्रेम हो गया। वर्ष 2007 में दोनों ने शादी कर ली। दोनों परिवारों में पंचायत के बाद विनोद की पहली पत्नी पयागपुर में जबकि दूसरी पांडेयपुर में किराये के मकान में रहने लगी। बीते 15 अगस्त को रक्षा बंधन पर भाई जब पयागपुर पहुंचा तो बातचीत में उसने बड़ी बहन से अंतिमा का हालचाल भी पूछा। इस पर उसने जानकारी नहीं होने की बात बताई। जीजा से पूछने पर उसे शक हुआ। इसके बाद घर जाकर उसने पूरी बात पिता को बताई। परिवार वालों ने पहले अपने स्तर से बेटी का पता लगाना शुरू किया।
ह’त्या की आशंका पर छह सितंबर को अंतिमा के पिता ने बड़ागांव थाने में दामाद विनोद, उसके पिता शोभाकांत, मां नगीना देवी, भाई सुनील कुमार, चन्दन के खिलाफ केस दर्ज कराया। विनोद को हि’रासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो उसने हत्या करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उसके भाई चन्दन को काजीसराय से गिर’फ्तार कर लिया। ह’त्यारोपित एक भाई, मां, बाप की तला’श की जा रही है। पूछताछ में विनोद ने बताया कि घर वालों की इच्छा के विपरीत अंतिमा से शादी करने के बाद उसे लेकर पाण्डेयपुर में किराए के मकान में रहने लगा।
दो वर्ष पहले दोनों पत्नियों में रोज वि’वाद होने लगा और कलह से परे’शान होकर 28 अगस्त 2018 को अंतिमा की गला द’बाकर ह’त्या कर दी। ह’त्या करने में मौसेरा भाई श्रवण और चंदन शामिल थे। श’व को ठिकाने लगाने के लिए लोहे के बक्से में रखकर मैजिक से चौबेपुर की तरफ ले जा रहे थे। बीच में पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी तो मैजिक बड़ागांव स्थित गांव पयागपुर ले गए और सेपटिक टैंक में श’व को डाल दिया।



