CCTNS से जुड़ेंगे देश भर के पुलिस थाने

NEW DELHI : अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए देश भर के 15,655 थाने अब अगले कुछ महीने में एक-दूसरे से जुड़ जाएंगे. इसके बाद वे आपस में अपराध की जानकारी आदान प्रदान कर सकेंगे. केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना, क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (CCTNS)के जरिए यह काम करेगा.

इस सिस्टम के शुरू होने के बाद पुलिस को गंभीर अपराधों और अपराधियों के बारे में जानकारी तो मिलेगी ही साथ ही व्हिकल ट्रैकिंग सिस्टम, पासपोर्ट वेरिफिकेशन जैसे कामों में भी काफी तेजी आएगी. डेटा के जरिए अपराधियों पर लगाम लगाए जाने वाले सिस्टम से देश में सभी राज्यों के थाने अब एक ही सेंट्रल सर्वर से जुड़ जाएंगे, जिसको ये अपने इलाके के अपराधिक रिकार्ड की जानकारी देंगे. इसके अलावा यह थाने प्रदेश मुख्यालय को भी अपनी जानकारी देंगे.

मौजूदा समय में देश के 12,202 थाने इस सेंट्रल सर्वर से जुड़े हैं जबकि बाकी के 3,500 थाने अगले कुछ महीने में इससे जुड़ जाएंगे. इसके तहत देशभर में थानों को साफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों मुहैया करवाए गए हैं. ऐसा पहली बार होगा जब देश के सारे थाने एक दूसरे से जुड़ेंगे.

इस प्रोजेक्ट को साल 2009 में मंजूरी दी गई और साल 2013 में इसका पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया था. इसे पूरा करने में अब तक 2,000 करोड रुपए का खर्चा आ चुका है. देश भर के 51 थानों और बिहार के 850 थानों को छोड़ कर मौजूदा समय में सारे थाने जुड़े हैं. आने वाले दिनों में यह बचे हुए थाने भी इस सिस्टम से जुड़ जाएंगे.

इसके अलावा हर प्रदेश का अपना अलग सर्वर है जिसको समय के साथ साथ इस सेंट्रल सर्वर से कस्टमाइज भी किया जा रहा है. इस प्लेटफार्म के जरिए थाने आपस में 9 तरीके की सर्विस की जानकारी ले सकते हैं जिसमें क्रिमिनल रिकार्ड, मिसिंग पर्सन, लास्ट व्हिकल, पासपोर्ट वेरिफिकेशन सेवाएं शामिल हैं. करीब साढ़े पांच लाख पुलिसवालों को इसकी ट्रेनिंग दी जा चुकी है.

सभी अपराधियों का सेंट्रल पूल होगा जिसकी जानकारी सारे राज्य आदान प्रदान कर सकेंगे, आने वाले दिनों में सिस्टम के तहत फिंगर प्रिंट, फेशियल रिकगनिशन में जोड़े जाएंगे.थानों के अलावा प्रदेश की अन्य एजेंसियां भी इस सिस्टम से कनेक्ट रहेगा. इस सिस्टम में आप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क इस्तेमाल किया गया है.

इस सिस्टम के जरिए आम नागरिक पुलिस कंप्लेंट कर सकते हैं. इसकी मदद से कंप्लेंट का स्टेटस क्या है, एफआईआर कापी, गिरफ्ताीर, वांटेड, मिसिंग और किडनैप लोगों की जानकारी भी ले सकते हैं, इसके अलावा धरना, रैली कहां है इसकी भी जानकारी सिस्टम से ले सकेंगे. सरकार इसका ऐप भी लांच करेगी जिसकी मदद से भी थाने और आम जनता पुलिस की कुछ सेवाएं और अपने इलाकों के अपराध की जानकारी का आदान प्रदान कर सकेंगी.

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