
PATNA : बिहार सहित दूसरे राज्यों में पिछले साल हुई चम’की बु’खार, निमो’निया, डाय’रिया समेत अन्य बी’मारी की घट’नाओं से सी’ख लेते हुए इस वर्ष गर्मी शुरू होने से पहले ही राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज प्रशासन अल’र्ट हो गया है. आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ दिनेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में चम’की बु’खार, कुपो’षण आदि संक्र’मण बी’मारियों से नि’बटने के लिए यु’द्ध स्तर पर तैयारी भी शुरू कर दी गयी है.
खासकर शून्य से पांच साल के बच्चों पर विशे’ष ध्यान दिया जायेगा. बच्चों में होने वाले संक्रमण बी’मारी से ब’चाव के लिए उन्होंने एक छह सद’स्यीय मेडिकल टीम गठित की है. टीम में आयुर्वेदिक कॉलेज के शिशु रो’ग विशेषज्ञ डॉ अरविंद चौरसिया, डॉ मुकेश कुमार, सह प्राध्यापक डॉ शंभु शरण, डॉ रमण रंजन, डॉ आशुतोष भारद्वाज और डॉ ज्योति कुमारी को शा’मिल किया गया है.

वैशाली-मुजफ्फरपुर के लिए दो डॉक्टर रवाना
टीम में शामिल डॉ मुकेश कुमार व डॉ शंभु शरण को मुजफ्फरपुर व वैशाली रवाना किया गया. जहां उन्होंने संबंधित जिले के सिविल स’र्जन से मुलाकात कर जिले में बीमार बच्चों की खोजबीन शुरू की. प्रिंसिपल डॉ दिनेश्वर प्रसाद ने कहा कि टीम में शामिल डॉ’क्टरों को बिहार के अलग-अलग जिलों में जाकर कुपो’षण, चम’की, डाय’रिया समेत अन्य संक्र’मण से होने वाले बी’मार बच्चों को खो’जकर इ’लाज करना है.














