मुजफ्फरपुर: जिले की मिट्टी क्षारीय होने से घट रही फसलों की उपज

मुजफ्फरपुर। जिले की मिट्टी में तेजी से क्षारीय होने के कारण फसलों की उपज घट रही है। साथ ही फसलों पर रोगों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। अलग-अलग प्रखंडों से लिए गए मिट्टी के नमूने की जांच में यह बात सामने आई है।

मोतीपुर को छोड़ बाकी प्रखंडों में जहां जिंक की कमी बताई जा रही है तो कांटी, बोचहां, मुशहरी और मड़वन की मिट्टी में ऑयरन की मात्रा बढ़ गई है। खेतों में खाद के असंतुलित प्रयोग के कारण मिट्टी क्षारीय होती जा रही है। इससे फसलों के उत्पादन पर असर पड़ रहा है।

 

मिट्टी की जांच के आधार पर तैयार हुई रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि सभी प्रखंडों की मिट्टी में क्षारीय तत्व की वृद्धि हो रही है। मिट्टी में पीएच वैल्यू सामान्य रूप से 6:50 से 7:50 रहना चाहिए, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार अभी यह 7:50 से 8:50 तक है। इससे कृषि पैदावार पर असर पड़ रहा है।

बता दें कि जिंक और बोरोन की कमी के कारण फसलों में दाना नहीं आता। सकरा और मोतीपुर प्रखंड की मिट्टी में मैगनीज की मात्रा अधिक है। इससे फसलों के पौधे का विकास पूर्ण रूप से नहीं होता है।

स्थिति यह है कि अधिक उत्पादन के चक्कर में किसान अंधाधुंध खाद का असंतुलित प्रयोग कर रहे है। जिससे मिट्टी बंजर होती जा रही है। इससे फसलों का उत्पादन भी घट रहा है।

सहायक निदेशक रसायन भूदेव राणा यशु का कहना है कि किसानों को मिट्टी की जांच करानी चाहिए। स्वायल हेल्थ कार्ड के अनुसार उर्वरक का प्रयोग करने से फसल का उत्पादन बढ़ेगी। असंतुलित खाद का प्रयोग करने से मिट्टी में उर्वरा शक्ति कमजोर हो रही है। सौजन्य: अमर उजाला

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading