पटना। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने हाल ही में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा था कि वह तीनों सदन के सदस्य रह चुके हैं, अब केवल राज्यसभा ही बाकी है। उनके इस बयान के बाद चर्चा छिड़ गई कि सीएम राज्यसभा जा सकते हैं। इसके नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी गलियारे में अटकलें लगने लगीं। हालांकि नीतीश ने खुद इन बातों का खंडन किया। इधर, उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि बिहार में योगी मॉडल की जरूरत है। इन दोनों बयानों को विपक्ष ने हाथों हाथ लिया और सरकार पर हमले शुरू कर दिए।
सोमवार को दिल्ली से पटना लौटे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि तारकिशोर प्रसाद के बयान से साफ है कि बिहार में भाजपा के पास मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा नहीं है। राजद विधायक के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है। पार्टी प्रवक्ता राम सागर सिंह ने एक नहीं भाजपा के दो-दो चेहरों को मुख्यमंत्री पद के योग्य बताया है। भाजपा प्रवक्ता राम सागर सिंह ने तेजस्वी यादव पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि वह बताएं कि उनके पास विधायकों के अलावा कौन सी उपलब्धि है। उन्हें बताना चाहिए कि वह कैसे सीएम का चेहरा हैं?
राम सागर ने कहा कि नित्यानंद राय के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव में एनडीए ने बिहार में 39 सीटें जीतीं। भाजपा प्रवक्ता ने तेजस्वी से पूछा कि क्या इसके बावजूद उन्हें नित्यानंद राय में काबिलियत नहीं दिखती। राम सागर ने बिहार विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल की नेतृत्व में राजद से कम सीटों पर भाजपा ने चुनाव लड़ा और बीजेपी आज सबसे बड़ी पार्टी है।
भाजपा प्रवक्ता ने तेजस्वी से कहा कि उन्हें यह जान लेना चाहिए कि डा. संजय जायसवाल के कारण ही देश में आयुष्मान योजना लागू हुई। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और बिहार भाजपा अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल के अलावा उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय में भी सीएम बनने के योग्य हैं।

