पटना । घड़ी में जैसे ही रात के 12 बजे, घंटा बज उठा। प्रतीक स्वरूप प्रभु यीशु अवतरित हो गए। सबने मोमबत्ती जलाकर प्रार्थना की और एक-दूसरे को मेरी क्रिसमस कहा। यह नजारा बिहार के सभी गिरिजाघरों में रहा। इस अवसर पर ‘आओ साथ में आनंद मनाएं, दुनिया में प्रभु यीशु आया है। …पाप में दुनिया डूब रही थी, तारनहारण ढूंढ़ रही थी, …पार करो, पार करो भव सागरिया पार करो।’ जैसे गीत फिजां में गूंजते रहे। पटना की बरात करे तो यहां के प्रसिद्ध पादरी की हवेली महागिरिजाघर में भी क्रिसमस की धूम रही।

12 बजे हुआ प्रभु का अवतरण
पादरी की हवेली स्थित कैथोलिक चर्च में रात 11 बजे मिस्सा बलिदान की पूजा शुरू हुई। जब रात के 12 बजे तब गौशाला में एकत्रित लोगों में चर्च के फादर सुरेश खाखा बाल स्वरूप प्रभु यीशु को गौशाला से उठा चर्च में लाए। भक्ति व खुशियों के बीच प्रभु का अवतरण पर्व मनाया गया। प्रभु के संदेश को फादर ने पढ़ा। घंटे की आवाज गूंजते ही आतिशबाजी होने लगी।
इस अवसर पर फादर सुरेश खाखा ने कहा कि क्रिसमस मानव के प्रति ईश्वर के प्रेम की याद दिलाता है। समारोह के बाद सभी को केक, नाश्ता व चाय दिया गया।
आगे मंगलवार को दिन में मीसा पूजा होगी। फादर ने बताया कि सभी धर्मों के लोगों के लिए ईसा मसीह के दर्शन को सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक पादरी की हवेली महागिरजाघर का द्वार खुला रहेगा।