मधुबनी : बिहार के मधुबनी जिले में एक चौंकाने वाली किंतु बहादुरी वाली घटना सामने आई है। यहां एक दुल्हन ने न’शे में धुत होकर आए दूल्हे से शादी करने से इनकार कर दिया। दुल्हन के फैसले से हंगामा हो गया। तमाम तरह के दबाव डाले गए। उन्हें समझाने की भरपूर कोशिश की गई, लेकिन दुल्हन अपने फैसले पर अडिग रही। वह अपने इरादे से टस से मस नहीं हुई।

ऐसे में दूल्हा को बैरंग ही वापस लौटना पड़ा। बारात में आए लोगों को भी वापस जाना पड़ा। दुल्हन के इस कदम की काफी तारीफ हो रही है। बता दें कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू है। प्रदेश में शराब पीना दंडनीय अपराध है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को शराबमुक्त बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री के इस स्वप्न को ऐसे ही बहादुरों की मदद से साकार किया जा सकता है।

जानकारी के अनुसार, शराबी दूल्हे और बाराती को बैरंग लौटा देने की यह घटना मधुबनी जिले के बासोपट्टी प्रखंड स्थित झिटकोहिया गांव की है। कटैया मुसहरी निवासी बुझाउन सादा की लड़की काजल कुमारी की शादी नेपाल के धनुषा जिले के भड़रिया गांव निवासी राजू सादा से तय हुई थी। शादी की सभी तैयारियां पूरी हो गई थीं। विवाह का मंडप भी तैयार हो चुका था। गीतनाद के साथ दुल्हन के हाथों में मेहंदी रचाई गई। आंगन में मरबा सजाया गया। बारातियों के स्वागत के लिए तरह-तरह के पकवान बनाए गए। पूरे घर में हंसी-खुशी का माहौल था। तय समय पर दूल्हा और बाराती पहुंचे। दरवाजा लगने के बाद जयमाला के लिए स्टेज पर दुल्हन पहुंची, लेकिन दूल्हे को शराब के नशे में धुत देखकर युवती ने शादी से इनकार कर दिया।

बाराती-सराती में भिड़ंत
दुल्हन के इनकार से नाराज बारातियों ने सरातियों के साथ मारपीट शुरू कर दी, लेकिन बहादुर बेटी का फैसला नहीं बदला। शराबी दूल्हे के साथ बारातियों को बैरंग ही नेपाल लौटना पड़ा। लड़की पक्ष के लोगों का कहना है कि करीब 100 की संख्या में आए बारातियों में दूल्हा समेत सभी लोग शराब के नशे में धुत थे।

बहादुर बेटी की तारीफ
बिहार में शराबबंदी कानून को सही मायने में लागू कराने के लिए पुलिस और प्रशासन के द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद आए दिन शराबबंदी कानून का माखौल उड़ाए जाने की खबरें आती रहती हैं, ऐसे में बासोपट्टी की इस बहादुर बेटी ने जिस तरह से शराबी दूल्हे और बारातियों को बैरंग लौटाने की हिम्मत दिखाई है, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है।