मुजफ्फरपुर। अंतरराष्ट्रीय डेंगू दिवस पर सदर अस्पताल में जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डाॅ. उमेशचंद्र शर्मा ने कहा कि एडीज मच्छर के काटने से डेंगू की बीमारी होती है। इससे बचाव के लिए अब तक कोई वैक्सीन तैयार नहीं हुई है। इस वजह से इससे होने वाली मौत का आंकड़ा काफी ज्यादा रहता है।
फिलहाल जागरूकता ही इससे बचाव है। समय पर इलाज हो जाए तो मरीज स्वस्थ होतेे हैं। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। गमलों में जलजमाव नहीं होने दें। इससे इन मच्छरों से बचा जा सकता है। कहा कि सदर अस्पताल से लेकर एसकेएमसीएच तक इलाज की सुविधा है।
जिला वेक्टरजनित रोग पदाधिकारी डाॅ. सतीश कुमार ने बताया कि पिछले साल 22 मरीज मिले थे। जुलाई में डेंगू माह मनाया जाएगा। इस दौरान बीमारी को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
अचानक तेज बुखार, सिर, मांसपेशियों और आंखों में तेज दर्द, छाती के ऊपरी हिस्से में दाने आना, उल्टी आना, शरीर पर चकत्ते होना इसके लक्षण हैं।
डेंगू के मच्छर सुबह या शाम को अत्यधिक सक्रिय होते हैं, इसलिए ऐसे समय त्वचा को खुला न छोड़ें। सोते समय मच्छरदानी व मच्छररोधी क्रीम लगाएं। कूलरों का पानी सप्ताह में एक बार जरूर बदलें। अगर डेंगू के लक्षण घर के किसी सदस्य में दिखाई दें तो उसे तुरंत नजदीकी अस्तपताल ले जाएं। गमलों में तथा घर के आसपास की जगहों पर पानी जमा नहीं होने देंं। जागरूकता अभियान में सदर अस्पताल उपाधीक्षक डा. एनके चौधरी, डा. हसीब असगर, डा. सीएस प्रसाद, डा. नवीन कुमार, डा. एसके पांडेय सहित अन्य मौजूद थे।
