ट्रेन इंजन के नीचे बैठकर युवक पहुंचा गया जंक्‍शन, चिल्‍लाने की आवाज सुनकर ड्राइवर ने निकाला बाहर

गया: भारतीय समाज में एक कहावत काफी मशहूर है कि जाको राखे साइयां मार सके न कोय। यह कहावत गया में चरितार्थ हुआ है। एक युवक यात्री ट्रेन की इंजन के नीचे बैठकर गया रेलवे जंक्‍शन पहुंच गया। इंजन के नीचे से जब चिल्‍लाने की आवाज आई तो ट्रेन के ड्राइवर ने नीचे झांका तो भौंचक्‍के रहे गए। प्‍लेटफॉर्म पर मौजूद हर शख्‍स हैरान रह गया।

एक युवक ट्रेन इंजन के नीचे बैठकर गया रेलवे जंक्‍शन पहुंच गया. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

आनन-फानन में युवक को वहां से बाहर निकाला गया। अचंभित करने वाली बात यह है कि युवक को कुछ नहीं हुआ था। हालांकि, इंजन के नीचे से बाहर निकालने के बाद युवक गायब हो गया। बताया जा रहा है कि युवक मानसिक रूप से विक्षिप्‍त था। जानकारी के अनुसार, गया में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। एक युवक कई किलोमीटर तक का सफर ट्रेन के इंजन के संकीर्ण जगह पर बैठकर तय कर लिया।

युवक राजगीर से गया पहुंच गया। गया रेलवे जंक्‍शन पर लोगों ने ट्रेन चालक की मदद से युवक को बाहर निकाला। बाहर निकालने पर पता चला कि युवक विक्षिप्त है। हालांकि, युवक मौके से अचानक गायब हो गया। रेल पुलिस युवक के बारे में जानकारी जुटाने में जुट गई है। दरअसल, 50 से 60 किलोमीटर की दूरी तय कर राजगीर होते हुए वाराणसी सारनाथ बुद्धपूर्णिमा एक्सप्रेस ट्रेन गया जंक्‍शन पहुंची थी।

सोमवार अहले सुबह जैसे ही गया स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन रुकी तभी एक युवक के चिल्लाने की आवाज इंजन के नीचे से आने लगी। जब ट्रेन के चालक ने इंजन के निचले हिस्से में झांककर देखा तो वह दंग रह गए। उन्‍होंने देखा कि एक युवक इंजन के नीचे संकड़ी जगह पर बैठा हुआ है।

दंग रह गए ट्रेन के ड्राइवर
युवक को इंजन के नीचे बैठा देख ट्रेन के ड्राइवर भौंचक्‍के रहे गए। रेल यात्रियों की मदद से युवक को बाहर सुरक्षित निकाला गया, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी। इस बीच युवक स्‍टेशन से गायब भी हो गया। वाराणसी सारनाथ बुद्धपूर्णिमा एक्सप्रेस ट्रेन कई किलोमीटर का सफर तय कर राजगीर से होते हुए गया पहुंची थी।

राजगीर से गया जंक्शन आने तक ट्रेन 6 जगहों पर रुकी थी। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह युवक किस स्टेशन पर इंजन के नीचे बैठा था, लेकिन माना जा रहा है कि युवक राजगीर में ही बैठा होगा। यह भी बताया जा रहा है कि ट्रेन किसी स्टेशन पर रुकी हो और युवक ट्रेन के नीचे से दूसरी तरफ जा रहा हो तभी ट्रेन चल पड़ी हो। इस दौरान जान बचाने के लिए वह इंजन के नीचे ही बैठ गया होगा। जिस जगह पर युवक था, वहां पर बैठना नामुमकिन था।

 

 

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