मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर के बाहर सोमवार को सेवा दल के सदस्यों ने ज’मकर हं’गामा किया। इस कारण जलाभिषेक भी कुछ देर के लिए बा’धित हुआ। लेकिन, पुलिस औए मंदिर प्रशासन ने तुरन्त स्थिति को सं’भाल लिया। सेवा दल के सदस्यों का आ’रोप था कि एक पुलिस जवान ने उनलोगों के साथ अ’भद्र व्यवहार किया है।
ध’क्का मु’क्की कर गा’ली-ग’लौज की। साथ ही जे’ल तक भेजने की ध’मकी दे डा’ली। जब अन्य सदस्यों ने उस पुलिस जवान का वि’रोध किया तो वह भ’द्दी भ’द्दी गा’लियां देने लगा। हालांकि मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने उस जवान को वहां से हटाया। सेवा दल के सदस्यों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन, पुलिस की इस क’रतूत से आ’हत होकर वे लोग न्या’य और का’र्रवाई की मांग को लेकर हं’गामा करने लगे। इस दौरान पुलिस के साथ ज’मकर ध’क्का मु’क्की भी हुई। हं’गामा और अ’फरात’फरी की स्थिति बनी हुई रही।
सूचना मिलते ही टाउन इंस्पेक्टर अनिल कुमार मौके पर पहुंचे। सेवा दल के सदस्यों से बात की। उनलोगों ने वरीय पदाधिकारी को बुलाने की मांग की। कहा कि हर हाल में उस जवान पर का’र्रवाई होनी चाहिए। तभी वे लोग शांत होंगे। इंस्पेक्टर ने सदस्यों को आश्वासन दिया कि अगर उस जवान ने ग’लती की होगी और वह दो’षी होगा तो निश्चित रूप से का’र्रवाई की जाएगी।
उन्होंने समझाकर सभी को शांत कराया। जलाभिषेक का कार्य शांतिपूर्ण तरीके से होने देने की अपील की। इसके बाद सदस्य शांत हुए। अ’भद्र व्य’वहार करने वाला जवान वहां से निकल गया था। किसी ने उसकी पहचान नहीं की। कहा जा रहा है वह पुलिस लाइन से आया था। उसके बारे में टाउन था’नेदार पता लगा रहे हैं।
मंदिर के महंत अभिषेक पाठक ने कहा कि सेवा दल के सदस्य रात-रातभर जागकर कांवरियों की सेवा करते हैं। ये जितने भी सिपाही हैं। वे अक्सर मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं। ऊपर से इनकी भाषा ऐसी घ’टिया है कि पूछिये मत। उन्होंने सीधे तौर पर चैलेंज करते हुए कहा कि एक सिपाही की इतनी औ’कात नहीं है कि किसी को जे’ल भेज दे। मामला तब तक नहीं शांत होगा। जब तक उस सिपाही को स’स्पेंड नहीं किया जाएगा और वह सा’र्वजनिक रूप से आकर माफी नहीं मांगेगा।
