पटना। नोरू चक्रवात ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, नेपाल और बिहार में इतनी बा’रिश कराई कि दशहरा गुजरने के बाद बाढ़ के हा’लात पै’दा हो रहे हैं। यह वक्त आम तौर पर नदियों में ज’लस्तर कम होने का है, लेकिन बिहार में गंगा, सरयू और गंडक जैसी नदियां उ’फान पर हैं।

गंगा के जलस्तर में वृ’द्धि जारी है। हाथीदह घाट पर मंगलवार की सुबह 6.00 बजे ख’तरे के निशान से छह सेंटीमीटर उपर आ गया। पटना शहर के गांधी घाट पर बीते 12 घंटे में सात सेंटीमीटर वृद्धि हुई है। यहां ख’तरे के नि’शान से गंगा मात्र 22 सेंटीमीटर नीचे रह गई है। दीघा से मनेर तक गंगा का ज’लस्तर बढ़ रहा है। पटना में छठ घाटों का निर्माण कार्य रोक दिया गया है।
मोकामा टाल क्षेत्र में पानी भर गया है। इससे दलहन की खेती पर वि’परीत प्र’भाव पड़ रहा है। दक्षिण बिहार में भारी एवं मध्य भाग में हल्की वर्षा के आसार हैं। कुछ इलाकों में व’ज्रपात की भी आ’शंका बनी हुई है। वर्षा के कारण फसलों को भी नु’कसान होने का ख’तरा पैदा हो गया है। खासकर धान की फसल का नु’कसान होने के साथ-साथ रबी की बुआई में भी देर हो सकती है।

नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी एवं रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृ’द्धि हो रही है। नदी का जलस्तर गंगपुर सिसवन में डेंजर पॉइंट के बिल्कुल करीब जा पहुंचा है व नदी लगातार बढ़ रही है। गंगपुर सिसवन में पिछले तीन दिनों से नदी का ज’लस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज है।
केंद्रीय जल आयोग के पदाधिकारी रामनरेश पांडेय से मिली जानकारी के मुताबिक सरयू नदी का जलस्तर गंगपुर सिसवन में मंगलवार की सुबह 8 बजे 56.910 मी रिकॉर्ड किया गया।सरयू नदी सिसवन मे खतरे के निशान से महज .94 मी कम हैं। यंहा नदी का डेंजर पॉइंट 57. 04 मी है ।
नेपाल में हो रही लगातार भारी बारिश के चलते सरयू के जलस्तर में हो रही वृद्धि होने से बाढ़ जैसी हालत है। नदी का जलस्तर गंगपुर में खतरे के निशान के बिल्कुल करीब है। नदी के पानी ने तटवर्ती इलाकों को छूना शुरू कर दिया है। जिससे कटाव कि समस्या उत्पन्न हो सकती है। कचनार, साईंपुर, ग्यासपुर, गंगपुर सिसवन शुभहात्ता आदि के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।


