मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विवि के एक कॉलेज में करीब 1.70 करोड़ रुपये के अनियमित भुगतान का मामला सामने आया है। वहीं, दो अन्य कॉलेजों में भी वित्तीय अनियमितता पकड़ी गयी है।
महालेखाकार टीम ने पिछले वर्षो में हुए अनियमित भुगतान की रिपोर्ट विवि को भेज दी है। पांच कॉलेजों का फिजिकल वेरिफिकेशन करने के बाद ऑडिट टीम ने कहा कि एक कॉलेज की स्थिति सबसे अधिक खराब है, जबकि दो कॉलेजों में वित्तीय अनियमितता मिली है।
दो कॉलेजों में वित्तीय अनियमितता मिली है। दो कॉलेजों की स्थिति औसत है। महालेखाकार टीम ने पिछले दिनों विश्वविद्यालय सहित कॉलेजों के वित्तीय अभिलेखों की जांच की।
विवि मुख्यालय के साथ ही पांच कॉलेजों में जाकर टीम ने भौतिक सत्यापन भी किया। इसमें एक कॉलेज में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की शिकायत की है। कॉलेज को मिले अनुदान से एक करोड़ एक लाख 75 हजार 120 रुपये टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ को भुगतान किया गया।
जिन 31 लोगों को भुगतान किया गया,उनका पोस्ट सेंक्शन नहीं था। 4.67 लाख रुपये के भुगतान का कोई रिकार्ड नहीं मिला, जबकि चार टीचिंग स्टाफ को 43.40 लाख रुपये का भुगतान बगैर उपस्थिति के ही कर दिया गया है। बिना उपस्थिति का 13.26 लाख का भुगतान तीन गैर शैक्षणिक कर्मियों को भी किया गया है।




