जिन जिलों ने नहीं सौंपी रिपोर्ट उन्हें पच्चीस तक की मिली मोहलत

पटना : राज्य में जाति आधारित गणना का पहला चरण 21 जनवरी को पूरा हो गया है, लेकिन पटना, भागलपुर समेत कुछ जिलों की अंतिम रिपोर्ट अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हुई है।

सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी आदेश में सभी जिलों के डीएम से भी कहा गया है। कि वे एक बार फिर से अपनी रिपोर्ट को परख लें और जिन निकायों में कहीं कुछ गड़बड़ी प्रतित होती है, तो उसे सुधारकर रिपोर्ट भेजें। इसकी मुख्य वजह गणना के दौरान कुछ एक इलाकों के घरों और इनमें रहने वाले परिवारों का छूट जाना तथा रिपोर्ट तैयार करने में कुछ गलती होना है।

ऐसे सभी जिलों और नगर निकायों को 25 जनवरी तक रिपोर्ट जमा करने की मोहलत दी गयी है। जिन जिलों ने रिपोर्ट जमा कर दी है, सामान्य प्रशासन विभाग में इनकी समीक्षा हो है। इसके बाद समेकित रिपोर्ट जारी की जाएगी।

पहला मौका है जब बिहार में घर समेत सभी तरह की बसावट की गिनती हो रही है। रिपोर्ट आने पर स्पष्ट होगा कि यहां कितने रिहायशी मकान, घर, झोपड़ी और ऐसे अन्य बसावट मौजूद हैं।

यहां रहने वाले परिवारों की संख्या की जानकारी मिलेगी। पता चलेगा कि कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अधिकारियों के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार राज्य में दो करोड़ 70 लाख परिवार होने चाहिए। बसावटों की संख्या 1 से 1.10 करोड़ के आसपास होनी चाहिए। हालांकि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

पहले चरण में परिवार के साथ सिर्फ उन्हीं बसावटों की गिनती करनी है, जो रिहायशी या जिनमें लोग रह रहे हैं। व्यावसायिक भवन या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की गिनती नहीं करनी है।

इस कार्य में जिन जिला, प्रखंड या नगर निकायों में गड़बड़ी पायी गयी है या इस कार्य को करने में प्रगणक, चार्ज अधिकारी से लेकर ऊपर तक के जिन्होंने गड़बड़ी या किसी तरह की लापरवाही बरती है, उन्हें शोकॉज किया जायेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ऐसे सभी कर्मियों को चिह्नित कर रहा है। जांच करने के बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी।

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