मुजफ्फरपुर: बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव और वहां के ग्रामीणों के बचाव के लिए जलसंसाधन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। तीन प्रखंडों के ऐसे आठ गांवों के लिए योजना तैयार की गई है। ये सभी गांव बूढ़ी गंडक के किनारे के हैं। विभाग की मंशा है कि बाढ़ के दौरान यहां के लोगों को विस्थापित नहीं होना पड़े।
आठ गांवों में मीनापुर के पांच, बंदरा, मुरौल व कांटी के एक-एक एक गांव शामिल हैं। दरअसल, बाढ़ के दौरान यहां बांध टूटने का खतरा बना रहता है। ऐसे में जिले से एक प्रस्ताव जलसंसाधन विभाग को भेजा गया था। स्वीकृति मिलने के बाद एस्टीमेट तैयार कर विभगा को भेज दिया गया है। राशि आवंटन होने के १. बाद काम शुरू होगा। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस काम पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

तटबंधों पर कमजोर स्थल चिह्नित कर मरम्मत कार्य कराया जाएगा। बालू से भरे बैग भी रखे जाएंगे। मीनापुर के रघई, हरशेर, घोसौत, बड़ा भारती, चांदपरना, बंदरा के महेशपुर तेपरी, मुरौल के ढोली व कांटी के सलेमपुर बगाही में काम कराया जाना है।



