समस्तीपुर:बेटी से दु’ष्कर्म के आ’रोपी पिता को सजा, 50 हजार का जु’र्माना

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर में दुष्कर्मी पिता को 20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई. जिला न्यायालय के एडीजे सिक्स की विशेष न्यायाधीश ने सजा सुनाई है. आरोपों के मुताबिक पिता अपनी पुत्री के साथ पिछले छह साल से यौन शोषण कर रहा था. इस मामले में शिक्षक और उसका भांजा आरोपी बनाया गया था. जबकि भांजे को एडीजे सिक्स सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट कैलाश जोशी ने शुक्रवार को जेल की सजा पूरे होने पर मुक्त कर दिया. इसके साथ ही बेटी से 6 वर्षों तक यौन शोषण करने के आरोपी शिक्षक को 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.

bihar ki taja khabar father attempted to rape daughter in samastipur video  viral - बिहार में कलयुगी पिता की शर्मनाक करतूत, बेटी से किया दुष्कर्म का  प्रयासदुष्कर्मी पिता को मिली सजा

जिला न्यायालय ने धारा 376 के तहत पोक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए शिक्षक एवं उसके भांजे को दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई है. दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये के अतिरिक्त जुर्माना भी लगाई गई है. आरोपी शिक्षक के भांजे को जेल में बिताए गए समय को अभी तक के सजा मानकर मुक्त कर दिया गया. इनलोगों पर आरोप था कि अपने ही बेटी के साथ यौन शोषण किया था. वहीं विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो कोर्ट विनोद कुमार ने बताया कि पिछले साल मई महीने में रोसड़ा निवासी शिक्षक पर उनकी पुत्री ने 6 सालों तक यौन शोषण करने का आरोप लगाया था. इस मामले में एक वीडियो भी तेजी से वायरल की गई थी.

पीड़िता को आर्थिक मदद

इस मामले की जानकारी मिलते ही महिला थाने में 5 मई को 28/22 के तहत मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तत्कालीन एसपी ने स्पीडी ट्रायल के तहत कोर्ट में सजा दिलाने की बात भी कही थी. इस मामले में पीड़िता का बयान मेडिकल रिपोर्ट एवं साक्ष्य के आधार पर आरोपी पिता को धारा 376 के तहत पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया गया. उसके बाद न्यायालय ने 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. वही न्यायालय ने कहा कि सरकार इस मामले में पीड़िता को पालन-पोषण व अन्य जरूरी खर्च के लिए पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद करे.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading