4 दिन बाद छपरा में इंटरनेट सेवा बहाल, मृ’तक की मासूम पुत्री के जवाब से नेता भी मर्माहत

छपराः दो फरवरी को बिहार के छपरा स्थित मांझी में हुए हत्याकांड को आज दस दिन बीत चुके हैं. अब जाकर मुबारकपुर गांव में स्थिति सामान्य हो रही है. वहीं 4 दिन से बंद इंटरनेट सेवा भी दोबारा बहाल कर दी गई है. उधर मृतक के घर में अभी भी मातमी सन्नाटा छाया हुआ है. मृतक अमितेश सिंह का आज दर्शकर्म है. बूढ़ा बाप सदमे में है, घर परिवार के लोग काफी दुखी हैं लेकिन इन दुखों से कोई अलग है तो मृतक अमितेश सिंह की एक मात्र पुत्री अमृता. जिसे अहसास भी नहीं है कि हुआ क्या है और उसके घर पर इतनी भीड़ क्यों है.

Thumbnail imageमृतक के घर पर लोगों की भीड़

मृतक अमितेश सिंह के घर पुलिस, नेताओं और लोगों की भीड़-भाड़ के बीच घर वालों के चहरे गमगीन हैं. कल यानी शुक्रवार को जब भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचा तो पुत्री अमृता को भी उनके सामने लाया गया. उसने बड़े फक्र से अपना नाम बताया. भाजपा नेताओं ने उसके पढ़ाई के लिए केंद्रीय विद्यालय में नामांकन की बात कही लेकिन इस नन्हीं बच्ची को शायद यह नहीं मालूम है कि उसके पिता की हत्या कर दी गई है.

मृतक की पुत्री का जवाब सुन पसर सन्नाटा

वहीं, नन्हीं अमृता से जब वहां बैठे लोगों ने पूछा कि आज क्या खाई हो तो उसने अपने भोले अंदाज में जवाब दिया आज खाना बना ही नहीं है, उसके बाद वहां सन्नाटा पसर गया. इसके बाद वहां मौजूद पुलिस पदाधिकारी समेत सभी पत्रकार अवाक रह गए. नन्हीं बच्ची ने जिस साफगोई से जवाब दिया वह काफी भावुक दृश्य था, इस बच्ची को यह नहीं मालूम कि उसके पिता इस दुनिया में नहीं है और उसकी मां गहरे सदमे में है और अस्पताल में भर्ती है.

मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी

आपको बता दें कि इस मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है. अब तक इस कांड में कुल 06 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है. फरार अभियुक्तों के विरुद्ध गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी जारी है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में 4 दिन के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी जिसे शुक्रवार रात के 11:00 बजे के बाद फिर से बहाल कर दिया गया. जिसके बाद जिले के लोगों ने राहत की सांस ली.

गांव में अफरा-तफरी का था माहौल

बता दें कि छपरा के मुबारकपुर में मुखिया पति और उनके समर्थकों ने तीन युवकों की बुरी तरह से पिटाई कर दी थी. जिसमें से एक युवक अमितेश की मौत हो गई थी. दो युवकों का पीएमसीएच में इलाज चल रहा था, जिसमें एक और युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई. मौत से नाराज घर वालों ने स्थानीय लोगों के साथ जमकर तोड़फोड़ की और आरोपी के घरों को आग के हवाले कर दिया था. जिसके बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल हो गया.

युवक की लिंचिंग कर हत्या का आरोप

मुखिया पति विजय यादव और उसके समर्थकों पर अमितेश और एक अन्य युवक की लिंचिंग कर हत्या का आरोप है. घटना में पांच नामजद और 50 अज्ञात को आरोपित किया गया है. मामले की जांच अभी जारी है. दरअसल युवकों की लिंचिंग से पहले 2 फरवरी को मुखिया पति विजय यादव पर फायरिंग हुई थी. इसी मामले में मुखिया पति और उनके समर्थकों ने तीनों युवकों की बांधकर बुरी तरह से पिटाई कर दी थी.

 

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