मोतिहारी : विश्व मलेरिया दिवस पर स्वास्थ्य विभाग की हुई समीक्षात्मक बैठक

मोतिहारी: विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर समाहरणालय परिसर में जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने जिले के सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार व जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शरत चँद्र शर्मा से मलेरिया, चमकी, कालाजार सहित अन्य वेक्टर रोगों की जाँच व इलाज व्यवस्था की जानकारी ली, एवं कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अनुमंडलीय अस्पताल / रेफरल अस्पताल पूर्वी चम्पारण। सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र / सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अधिकारियों को सभी स्वास्थ्य केन्द्र को चुस्त दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी पीएचसी पर वेक्टर रोगों की जाँच,इलाज की व्यवस्था उपलब्ध हो। वहीँ उन्होंने बताया कि मलेरिया से बचाव को घरों के आस-पास स्वच्छ वातावरण रखना जरूरी है। उन्होंने वेक्टर रोगों के प्रति आमजनों को जागरूक करने का निर्देश दिया।

25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है

सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि- हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। ताकि लोगों को जागरूक कर मलेरिया जैसी बीमारी के प्रभाव को कम किया जा सके । उन्होंने बताया कि भारत में हज़ारों लोग हर साल मच्छरों से होने वाली बीमारियों का शिकार होते हैं।

मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होती है मलेरिया

वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शरत चँद्र शर्मा ने बताया कि मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से होती है। मादा एनोफिलीज मच्छर अपनी लार के माध्यम से प्लास्मोडियम परजीवी फैलाती हैं, जो मलेरिया का कारण बनता है।


इस मादा मच्छर में एक खास प्रकार का परजीवी पाया जाता है। इस मच्छर के काटते ही व्यक्ति के शरीर में प्लाज्मोडियम नामक जीवाणु प्रवेश कर जाता है। जिसके बाद वह रोगी के शरीर में पहुंचकर उसमें कई गुना वृद्धि कर देता है। इसमें रोगी को कपकपी के साथ तेज बुखार, सिर दर्द व अन्य लक्षण दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि यह जीवाणु लिवर और रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करके व्यक्ति को बीमार बना देती है। वहीँ इसका समय पर इलाज न मिलने पर यह रोग जानलेवा भी हो सकता है।

मलेरिया से बचाव के उपाय

मलेरिया से बचाव को मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। आस-पास के माहौल की स्वच्छता का ध्यान रखना, जलजमाव की स्थिति पैदा न होने देना, घर के अंदर मच्छर मारने वाली दवा का प्रयोग, मच्छर के घर में प्रवेश को रोकने के लिये खिड़कियों पर जाली का प्रयोग सहित अन्य उपाय किये जा सकते हैं। मौके पर सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शरत चँद्र शर्मा, भीडीसीओ धर्मेंद्र कुमार, सत्यनारायण उराँव, रविन्द्र कुमार, कई प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।

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