जमुई. (NEET) एग्जाम के नतीजे जारी कर दिये गए हैं. नीट के नतीजों में बिहार के जमुई जिले से एक गुदड़ी के लाल को भी सफलता मिली है. जिले के लक्ष्मीपुर के रहने वाला ट्रैक्टर ड्राइवर के बेटे ने नीट में सफलता पाकर मेधा का परचम लहराया है. शांतनु के मां और पिता मैट्रिक पास हैं लेकिन बेटे ने 720 में 660 अंक हासिल कर आल इंडिया में 4520 वां रैंक पाया है और यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के आगे कुछ भी नही.

जमुई जिले के लक्ष्मीपुर बाजार का रहने वाला शांतनु कुमार नीट की परीक्षा में सफलता हासिल कर एक बेहतर और कामयाब डॉक्टर बनना चाहता है. शांतनु के पिता सूरज कुमार साह बेहद गरीब हैं और ट्रैक्टर चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं. शांतनु दो भाई और एक बहन है, जिसमें बड़ी बहन सेजल ग्रेजुएशन पार्ट वन की छात्रा है, जबकि शांतनु दूसरे नंबर और तीसरे नंबर का भाई सुधांशु दसवीं में पढ़ाई कर रहा है.
नीट की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले शांतनु के पिता सूरज कुमार साव और गृहणी मां अर्चना देवी दोनों मैट्रिक पास हैं. शांतनु बचपन से ही पढ़ने में तेज है. जमुई जिले के बरहट नवोदय विद्यालय से उसने 2021 में दसवीं और 2023 में सिलीगुड़ी से 12वीं पास किया है. गरीब परिवार का यह लाल बचपन से ही डॉक्टर बनने की चाहत के साथ पढ़ाई कर रहा था. शांतनु के पिता सूरज कुमार साव ने बताया कि वह ट्रैक्टर चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं. उनका बेटा बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में बेहतर है.
अपनी इस सफलता का श्रेय शान्तनु मेहनत और परिश्रम को दे रहा है. शांतनु ने बताया कि उसने नीट की परीक्षा के टॉपर को फॉलो कर मेहनत की है. फिजिक्स में डर था लेकिन उस डर को खत्म करने के लिए हर दिन 14 से 15 घंटे तक पढ़ाई लिखाई की. उसने बताया कि मुझे खुशी है कि नीट की परीक्षा को निकाल लिया है, उम्मीद है कि उसे एम्स में पढ़ाई का मौका मिलेगा. शांतनु ने बताया कि वह मेडिकल की पढ़ाई कर बेहतर कार्डियोलॉजिस्ट या रेडियोलॉजिस्ट बनना चाहेगा, साथ ही वह एक अस्पताल भी खोलना चाहेगा जो उसके पिता का सपना है. वह मेडिकल साइंस में सर्जरी या मेडिसिन में डॉक्टरेट कर एक कामयाब डॉक्टर बनना चाहेगा. आपको बता दें कि लक्ष्मीपुर इलाके के हरला गांव की मुस्कान और गोड्डी गांव का अंशुमान चंद्रा और अक्षय कुमार भी नीट की परीक्षा में सफलता हासिल की है.

