यहां जमीन से 10 फीट नीचे है सदियों पुराना भगवान शिव का मंदिर, स्थापना की रोचक है कहानी

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर में एक ऐसा शिव मंदिर है, जहां भूगर्भ में बाबा भोलेनाथ का शिवलिंग स्थापित है. परंतु माता पार्वती की प्रतिमा 10 फीट ऊपर है. लोग इस मंदिर को लेकर बताते हैं कि यह सदियों पुराना मंदिर है. जहां भारत सहित नेपाल से भी लोग इस मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं. इस मंदिर की खासियत यह है कि जब श्रद्धालु इस मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं तो बाबा भोलेनाथ के मंदिर के अंदर कई दर्जन कबूतर भूगर्भ में बने शिवलिंग के पास बैठे रहते हैं.

खुदाई के दौरान जमीन के अंदर जाने लगा था शिवलिंग

मंदिर के पंडित दीनानाथ झा ने बताया कि यह मंदिर करीब 250 वर्ष पुराना है. वर्तमान में जहां पर मंदिर है, उस जगह पर पहले पूरा जंगल ही जंगल था और चरवाहा गाय चराने के लिए आया करता था. एक बार एक गाय जंगल की ओर जाकर शिवलिंग पर दूध गिराने लगी. इसके बाद धीरे-धीरे लोगों को इसकी जानकारी मिली कि आखिर गाय का दूध कहां खत्म हो जाता है. जब एक दिन गाय जंगल की ओर जाने लगी तो लोग गाय का पीछा करने लगे. इसी दौरान जंगल के अंदर गाय को दूध गिराते देख लोग हैरत में पड़ गए. इसके बाद लोग उस जगह पर पहुंचे तो देखा कि एक पत्थर है. जब लोगों ने खुदाई करना शुरू किया तो शिवलिंग धीरे-धीरे नीचे जाने लगा.

जमीन से दस फीट नीचे है शिवलिंग

मंदिर के पंडित दीनानाथ झा ने बताया कि लोगों के काफी प्रयास के बावजूद भी शिवलिंग नहीं निकल पाया. लोग जितना गड्ढा खोदते शिवलिंग उतना ही नीचे जाने लगा. इसके बाद लोगों ने शिवलिंग को गड्ढे में छोड़ दिया और उसके बाद धीरे-धीरे लोगों ने उस जगह पर एक छोटा सा मंदिर बनाकर पूजा-अर्चना शुरू कर दिया. परंतु वर्षों पुराना रहस्य आज भी लोगों के सामने दिखता है जो धरती के करीब 10 फीट नीचे बाबा भोले की शिवलिंग स्थापित है. जहां पूजा- अर्चना के लिए लोगों को सीढी के सहारे नीचे उतरना पड़ता है. इसके बाद लोग बाबा भोले की पूजा-अर्चना करते हैं.

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