बिहार : लोकसभा चुनाव की तैयारी में सभी पार्टी जुट चुकी है। विपक्षी दलों (I.N.D.I.A.) में अगुआ की भूमिका निभाने वाले सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जदयू भी चुनाव को लेकर पूरी तरह सजग है। इसको लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। 11 और 12 सितंबर को महागठबैठक होने वाली है। अब जदयू पिछड़े और दलित समुदाय के वोट को साधने लिए बड़ा कार्यक्रम करने जा रही है। इसका नाम दिया गया भीम संसद। 5 नवंबर को इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि आज जो देश के हालात हैं, देश में जो राजनीतिक की जो संवेदनशील स्थिति हैं। और जो अहंकारी सरकार द्वारा जो आपातकाल से भी बदतर स्थिति लाई गई है। संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसलिए पार्टी ने निर्णय लिया है कि 5 नवंबर को वेटनरी कॉलेज मैदान में भीम संसद कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। इसमें सीएम नीतीश कुमार, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह शामिल होंगे।
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भाजपा आरक्षण के साथ खिलवाड़ कर सकती है
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इंडिया जैसे शब्द से इनको डर हो गया। पहली बार केंद्र सरकार ने अपने आमंत्रण पत्र पर भारत लिखा है। हमलोग को भारत या इंडिया नाम से कोई फर्क नहीं पड़ता है। हमलोगों के लिए दोनों नाम एक समान है। लेकिन, RSS वालों को इंडिया शब्द से आपत्ति रही है। बंच ऑफ थॉट में इसका प्रमाण मिलता है। 2015 में आरएसएस प्रमुख ने आरक्षण पर पुर्नविचार की बात की। जनता ने जवाब दे दिया था। यह लोग धीरे-धीरे अपने एजेंडा को पूरा करने में आगे बढ़ रहे हैं। आज देश के दलित और आदिवासी वर्ग में दहशत का माहौल है। उन्हें लगता है कि भाजपा उनके आरक्षण के साथ खिलवाड़ कर सकती है। इसलिए जदयू आने वाले दिनों में भीम संसद का आयोजन करेगी। इसमें सभी राज्य के लोग शामिल होंगे। बाबा साहेब और महात्मा गांधी के अनुयायियों को पटना में बुलाया जाएगा। भाजपा वाले किस तरह से आरक्षण के विरोध में काम कर रहे हैं, उसके बारे में जागरूक किया जाएगा। यह पार्टी का कार्यक्रम हैं। इसमें अगर महागठबंधन के अन्य दल भी आना चाहेंगे तो वह आ सकते हैं। अशोक चौधरी ने कहा कि इसे लोकसभा चुनाव से जोड़कर न देखें। यह हमलोगों की पीढ़ी के आने वाले भविष्य को लेकर है।

कार्यक्रम का मुख्य मकसद देश बचाओ भाजपा भगाओ है
वहीं कार्यक्रम के दौरान मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य मकसद देश बचाओ भाजपा भगाओ है। मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि मैं केंद्र सरकार से पूछना चाहता हूं कि कहां-कहां से INDIA शब्द को हटाएंगे। जनता के बीच भ्रम फैलाने वाली पार्टी है। लेकिन, जनता समझ चुकी है। देश बांटने वालों को जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। आगामी चुनाव में करारा जवाब देगी। वहीं निराला ने कहा कि अभी जो देश के हालात हैं, निश्चित रूप से आम आदमी भी समझ रहा है कि लोकतंत्र खतरे में हैं। लोकतांत्रिक संगठनों का दुरुपयोग हो रहा है। भाजपा के लोग विपक्ष में बैठे नेताओं को परेशान कर रहे हैं। मणिपुर के मुद्दे, गरीबी और महंगाई पर चर्चा नहीं हो रही है। यह लोग भारत और इंडिया पर चर्चा करवा रहे हैं। संविधान में यह दोनों शब्द अंकित हैं। भाजपा वाले इस चीज को मुद्दा बनाकर इसे उछाल रहे हैं। मूलभूत बातों से यह जनता को भटका रहे हैं। इसलिए हमलोग ने 5 नवंबर को अंबेडकर संसद का आयोजन करने का निर्णय लिया है।